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Class 12
PHYSICS
क्योंकि पृथ्वी के पास क्षेत्र की तीव्रता...

क्योंकि पृथ्वी के पास क्षेत्र की तीव्रता लगभग 130 V/m होती है, इसलिए हर व्यस्क की सिर और टांगों के बीच लगभग 200 V की वोल्टता होनी चाहिए। यह क्षेत्र क्यों अनुभव में नहीं आता जबकि यदि हम 100V-200 V की किसी बैटरी या परिपथ के ध्रुवों को छुएँ, तो परिणाम कष्टदायी या खतरनाक भी हो सकता है?

लिखित उत्तर

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मानव शरीर चालक है। इसलिए आवेशों की साम्यावस्था पर क्षेत्र में इसका पृष्ठ समविभव होना चाहिए। इसके अलग-अलग बिन्दुओं (सिर और पैर) के बीच कोई विभवान्तर नहीं हो सकता।
एक व्यक्ति AB के किसी स्थान पर आने से पहले क्षेत्र चित्र 3.35 (a) में दिखाए रूप जैसा होता है। क्षेत्र रेखाएं ऊर्ध्वाधर दिशा में नीचे की दिश में होती हैं और समविभव पृष्ठ, क्षैतिज तल होते हैं। बिन्दुओं A और B के बीच 200 V को वोल्टता होती ही है।
व्यक्ति की उपस्थिति क्षेत्र को टेढा-मेढ़ा कर देती है और यह लगभग चित्र 3.35 (b) में दिखाया गया आकार ले लेता है। मनुष्य के शरीर के निकट क्षेत्र रेखाओं और समविभव पृष्ठों के पथ बदल जाते है और इनमें से एक पृष्ठ शरीर के साथ संपाती हो जाता है जिससे A और B के बीच वोल्टता शून्य हो जाती है। यह मनुष्य शरीर में आवेशों के पुनर्वितरण के कारण होती है परन्तु आवेशों को परिणामी गति (वैद्युत धारा) बहुत ही कम और निर्बल होती हैं जो अनुभव नहीं की जा सकती।
परन्तु जब हम किसी बैटरी या वैद्युत परिपथ के ध्रुवों को छूते है, तो आवेशों की साम्यावस्था नहीं होती और शरीर में बह रही धारा काफी प्रबल होती है जिससे कष्टदायक संवेदना उत्पन्न होती है जो सम्भवतः सभी ने अनुभव की है।
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