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Class 12
CHEMISTRY
अभिक्रिया की आण्विकता तथा कोटि में क्य...

अभिक्रिया की आण्विकता तथा कोटि में क्या अन्तर है ? एक उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिये।

लिखित उत्तर

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(i)अभिक्रिया की आण्विकता सदैव एक पूर्ण संख्या होती है जबकि अभिक्रिया की कोटि भिन्नात्मक भी हो सकती है।
(ii) अभिक्रिया की आण्विकता कभी भी शून्य नहीं हो सकती , जबकि अभिक्रिया की कोटि शून्य भी हो सकती है।
(iii) किसी अभिक्रिया की आण्विकता और कोटि समान या भिन्न - भिन्न हो सकती है।
(iv) आण्विकता अभिक्रिया के पद में उपस्थित भाग लेने वाले अणुओ की संख्या है , परन्तु अभिक्रिया की कोटि अभिक्रिया के वेग और अभिकारकों की सांद्रता में सम्बन्ध बनाती है।
(v) अभिक्रिया के वेग निर्धारक पद में भाग लेने वाले अणुओ की संख्या उस पद की आण्विकता कहलाती है। अभिक्रिया की कोटि उन अणुओ की संख्या है , जिनकी सांद्रताएँ अभिक्रिया के वेग निर्धारित करती है।
(vi) अभिक्रिया की आण्विकता की व्याख्या उसकी क्रिया - विधि द्वारा करते है , जबकि अभिक्रिया की कोटि प्रयोगो निकली जाती है ।
उदाहरण - आण्विकता और कोटि में अन्तर निम्नलिखित उदाहरणों द्वारा स्पष्ट हो जाता है -
(a) `CH_(3)COOC_(2)H_(5)+NaOH to CH_(3)COONa+C_(2)H_(5)OH`
(b) `CH_(3)COOC_(2)H_(5)+H_(2)O overset (H^(+)) to CH_(3)COOH +C_(2)H_(5)OH`
अर्थात `(dx)/(dt) prop [H_(2)]^(0) [Cl_(2)]^(0)`
इस कारण इस अभिक्रिया की कोटि शून्य है ।
(ii) अभिक्रियाएँ (a ) तथा (b ) दोनों द्वि - अणुक है। अभिक्रिया (i ) द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है क्योंकि इस अभिक्रिया का वेग `CH_(3)COOC_(2)H_(5)` और NaOH दोनों के सांद्रण पर निर्भर करता है , जबकि अभिक्रिया
(ii) प्रथम कोटि की अभिक्रिया है क्योंकि इस अभिक्रिया का वेग केवल `CH_(3)COOC_(2)H_(5)` के सान्द्रण पर निर्भर करता है।
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