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Class 12
CHEMISTRY
[Ni(H(2)O)(6)]^(2+) का विलयन हरा है, पर...

`[Ni(H_(2)O)_(6)]^(2+)` का विलयन हरा है, परन्तु `[Ni(CN)_(4)]^(2-)` का विलयन रंगहीन है। समझाइए।

लिखित उत्तर

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`[Ni(H_(2)O)_(6)]^(2+)` में Ni, `3d^(8)` विन्यास के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था में है अर्थात् संकुल में दो अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं जो दुर्बल `H_(2)O` लिगण्ड की स्थिति में युग्मित नहीं होते हैं। अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण इसमें d-d संक्रमण सम्भव है। d-d संक्रमण लाल प्रकाश अवशोषित करके हरा पूरक रंग उत्सर्जित करता है।
`[Ni(CN)_(4)]^(2-)`- की स्थिति में, Ni पुनः `3d^(8)` विन्यास के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था में है, परन्तु प्रबल क्षेत्र `CN^(-)` लिगेण्ड की उपस्थिति में 3d-कक्षक के दो अयुग्मित इलेक्ट्रॉन युग्मित हो जाते हैं। इस प्रकार कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन उपस्थित नहीं होता अर्थात् d-d संक्रमण सम्भव नहीं है, अत: यह रंगहीन होता है।
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