पृथ्वी के पृष्ठ पर ऋणात्मक पृष्ठ-आवेश घनत्व `10^(-9)Ccm^(-2)` है। वायुमंडल के ऊपरी भाग और पृथ्वी के पृष्ठ के बीच `400kV` विभवांतर (नीचे के वायुमंडल की कम चालकता के कारण) के परिणामतः समूची पृथ्वी पर केवल `1800A` की धारा है। यदि वायुमंडल विद्युत क्षेत्र बनाए रखने हेतु कोई प्रक्रिया न हो तो पृथ्वी के पृष्ठ को उदासीन करने हेतु (लगभग) कितना समय लगेगा? (व्यावहारिक रूप में यह कभी नहीं होता है क्योकि विद्युत आवेशों की पुनः पूर्ति की एक प्रक्रिया है यथा पृथ्वी के विभिन्न भागो में लगातार तड़ित झंझा एवं तड़ित का होना।(पृथ्वी की त्रिज्या `=6.37xx10^(6)m`)।
लिखित उत्तर
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दिया है- `sigma=10^(-9)Ccm^(-2)=10^(-9)xx10^(-4)Cm^(-2)` `V=400kV=400xx10^(3)V` `I=1800A,R=6.37xx10^(6)m` पृथ्वी के पृष्ठ का क्षेत्रफल `A=4piR^(2)` पृथ्वी के पृष्ठ पर कुल आवेश `Q=sigmaA=sigma4piR^(2)` (ऋणात्मक) पृथ्वी के पृष्ठ को उदासीन करने हेतु इतना ही धनात्मक आवेश की आवश्यकता होगी। अब समीकरण `I=(Q)/(t)` से, `t=(Q)/(I)=(sigma.4piR^(2))/(I)=(10^(-9)xx4xx3.14xx(6.37xx10^(-6))^(2))/(1800)` `=(509.64xx10^(3))/(1800)=283s`.
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