जीवाणुओं में मानव जिन की क्लोनिंग एव अभिव्यक्ति मानव कोशिका से इन्सुलिन जीन प्ऱप्त करके इसे प्लाज्मिड से जोड़कर पुनर्योगज डी० एन० ए० को जीवाणु में प्रवेश कराकर इस जीन की अनेक प्रतियाँ प्राप्त की जाती है। यह प्रकिया जीन क्लोनिंग कहलाती है। जीन की इन प्रतियों की सहायता से इन्सुलिन का संश्लेषण किया जाता है।
इसे हितु डी० एन० ए० पुनर्योगज तकनीक के सभी पद अपनाए जाते है जिनका विवरण विस्तृत प्र्शनोत्तर २ में दिया गया है। इनका आरेखीय निरूपण निम्नवत है-
