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PHYSICS
निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बतलाइ...

निम्नलिखित भौतिक राशियों में से बतलाइए कि कौन - सी सदिश हैं और कौन - सी अदिश :
आयतन, दृव्यमान, चल, घनत्व, मोल संख्या , वेग, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन, कोणीय आवृत्ति, विस्थापन , कोणीय वेग |

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कोणीय विस्थापन |आवृत्ति |कोणीय वेग |रेखीय एवं कोणीय वेग के बीच संबंध |OMR|Summary

कोनिया विस्थापन |आवृत्ति , आवर्त काल |कोनिया वेग |रेखीय एवं कोनिया वेग के बीच में सम्बन्ध |प्रश्न |कोणीय त्वरण |OMR

कोनिया विस्थापन |आवृत्ति , आवर्त काल |कोनिया वेग |रेखीय एवं कोनिया वेग के बीच में सम्बन्ध |प्रश्न |कोणीय त्वरण |OMR

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ, पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार कौन-सी चीजें बहार लेकर आती हैं ?

कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार कौन-सी चीजें बहार लेकर आती हैं?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते भी हैं, अर्थात वार्तालाप भी करते हैं वो बातें याद रहने की संभावना काफी अधिक रहती है। इसलिए भाषण तो हमें याद नहीं रहते. परंतु वार्तालाप हम भूलते नहीं है। सुनने के लिए पुराना भूलना भी जरूरी है। बुद्धि के पास वह शक्ति है जिससे वह सुनी हुई बातों का सार निकालकर बाकी विस्तार को भुला देती है, तभी हम नई बाते सुन सकते हैं। दो कान इसलिए हैं कि सुनने को इतना कुछ है कि एक कम पड़ता है। प्रकृति ने हमें मुख एक ही दिया है इसलिए कि सुनो ज्यादा, बोलो कमा सामने वाले की बात ध्यान से सुनमा एक प्रकार की गतिविधि है। . सुनने की कला आज दुर्लभ होती जा रही है। शोध बताते हैं कि हम जितना सुनते हैं, उसका मात्र बीस प्रतिशत ही हमें याद रहता है। सुनी बातों में से तीन दिन बाद केवल दस प्रतिशत ही याद रहता है। इसके अलावा सुनने और समझने के बीच हमारा पूर्वाग्रह, पूर्व जानकारी, पूर्व अर्जित ज्ञान भी प्रभाव डालता है। इस गद्यांश में बुद्धि की कौन-सी महत्त्वपूर्ण शक्ति का उल्लेख है?

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो बातें याद रहने की संभावना काफी अधिक रहती है। इसलिए भाषण तो हमें याद नहीं रहते, परंतु वार्तालाप हम भूलते नहीं है। सुनने के लिए पुराना भूलना भी जरूरी है। बुद्धि के पास वह शक्ति है जिससे वह सुनी हुई बातों का सार निकालकर बाकी विस्तार को भुला देती है, तभी हम नई बातें सुन सकते हैं। दो कान इसलिए हैं कि सुनने को इतना कुछ है कि एक कम पड़ता है। प्रकृति ने हमें मुख एक ही दिया है इसलिए कि सुनो ज्यादा, बोलो कम। सामने . वाले की बात ध्यान से सुनना एक प्रकार की गतिविधि है। सुनने की कला आज दुर्लभ होती जा रही है। शोध बताते हैं कि हम जितना सुनते हैं, उसका मात्र बीस प्रतिशत ही हमें याद रहता है। सुनी बातों में से तीन दिन बाद केवल दस प्रतिशत ही याद रहता है। इसके अलावा सुनने और समझने के बीच हमारा पूर्वाग्रह, पूर्व जानकारी, पूर्व अर्जित ज्ञान भी प्रभाव डालता है। इस गद्यांश में बुद्धि की कौन-सी महत्त्वपूर्ण शक्ति का उल्लेख है ?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। यदि हम सुनने के साथ-साथ सुनाते हैं, अर्थात् वार्तालाप भी करते हैं तो बातें याद रहने की संभावना काफी अधिक रहती है। इसलिए भाषण तो हमें याद नहीं रहते, परंतु वार्तालाप हम भूलते नहीं है। सुनने के लिए पुराना भूलना भी जरूरी है। बुद्धि के पास वह शक्ति है जिससे वह सुनी हुई बातों का सार निकालकर बाकी विस्तार को भुला देती है, तभी हम नई बातें सुन सकते हैं। दो कान इसलिए हैं। कि सुनने को इतना कुछ है कि एक कम पड़ता है। प्रकृति ने हमें मुख एक ही दिया है इसलिए कि सुनो ज्यादा, बोलो कम। सामने वाले की बात ध्यान से सुनना एक प्रकार की गतिविधि है। सुनने की कला आज दुर्लभ होती जा रही है। शोध बताते हैं कि हम जितना सुनते हैं, उसका मात्र बीस प्रतिशत ही हमें याद रहता है। सुनी बातों में से तीन दिन बाद केवल दस प्रतिशत ही याद रहता है। इसके अलावा सुनने और समझने के बीच हमारा पूर्वाग्रह, पूर्व जानकारी, पूर्व अर्जित ज्ञान भी प्रभाव डालता है। इस गद्यांश में बुद्धि की कौन-सी महत्त्वपूर्ण शक्ति का उल्लेख है?