लिखित उत्तर
Verified by Experts
The correct Answer is:
टॉपर्स ने हल किए ये सवाल
अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
PRABODH PUBLICATION|Exercise अतिलघु उत्तरीय प्रश्न|33 Videosअर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
PRABODH PUBLICATION|Exercise लघु उत्तरीय प्रश्न|79 Videosअर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
PRABODH PUBLICATION|Exercise सही जोड़ी बनाइए -|2 Videosअर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी - पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
PRABODH PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|8 Videosकिरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशीय तंत्र
PRABODH PUBLICATION|Exercise मूल्य आधारित प्रश्न|9 Videos
PRABODH PUBLICATION-अर्द्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी : पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ-सत्य/ असत्य कथन पहचानिए-
- ताप बढ़ाने पर अर्द्धचालकों की प्रतिरोधकता बढ़ जाती है।
Text Solution
|
- परम शून्य ताप पर शुद्ध अर्धचालक पूर्णतः विद्युतरोधी होता है।
Text Solution
|
- अर्धचालक का प्रतिरोध ताप गुणांक धनात्मक होता हैं।
Text Solution
|
- P-प्रकार के अर्धचालक में मुख्य आवेश वाहक-इलेक्ट्रॉन होते हैं।
Text Solution
|
- अवक्षय पर्त के p तथा n भाग के विभवान्तर को विभव प्राचीर कहते हैं।
Text Solution
|
- जेनर डायोड को प्रवर्धक की भाँति उपयोग में लाया जाता है।
Text Solution
|
- दो p-n सन्धि डायोड को p-n तथा n-p क्रम में मिलाने पर p-n-p ट्रान्जिस्ट...
Text Solution
|
- OR गेट तथा AND गेट के संयोजन से NAND गेट प्राप्त होता
Text Solution
|
- NOT गेट में एक इनपुट तथा एक आउटपुट होता है।
Text Solution
|
- सभी गेट बाइनरी संख्याओं पर आधारित है।
Text Solution
|
- जेनर डायोड वोल्टेज नियामक युक्ति है।
Text Solution
|
- n-प्रकार के अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
Text Solution
|
- किसी ट्रांजिस्टर के निवेश तथा निर्गत प्रतिरोध बराबर होते हैं।
Text Solution
|
- p-प्रकार के अर्धचालक में बहुसंख्यक आवेश वाहक इलेक्ट्रॉन होते हैं।
Text Solution
|
- ताप बढ़ने से अर्धचालक की चालकता घटती है।
Text Solution
|