Home
Class 12
CHEMISTRY
एस्टर का जल अपघटन प्रारंभ में धीमा एवं क...

एस्टर का जल अपघटन प्रारंभ में धीमा एवं कुछ समय पश्चात् तीव्र क्यों हो जाता है?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

एस्टर के जलयोजन के दौरान एक उत्पाद कार्बनिक अम्ल बनता है जो उत्प्रेरक की भाँति व्यवहार करता हैं तथा अभिक्रिया को सक्रिय बनाता है। अतः एस्टर का जलयोजन आरम्भ में मंद व बाद में तीव्र हो जाता है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • सतह रसायन

    NAVBODH|Exercise NCERT पाठ्य -पुस्तक प्रश्नोत्तर|27 Videos
  • सतह रसायन

    NAVBODH|Exercise अति लघु उत्तरीय प्रश्न|10 Videos
  • सतह रसायन

    NAVBODH|Exercise एक शब्द/वाक्य में उत्तर|16 Videos
  • विलयन

    NAVBODH|Exercise आंकिक प्रश्न|4 Videos
  • हैलोएल्केन्स तथा हैलोएरिन्स

    NAVBODH|Exercise दीर्घ उत्तरीय प्रश्न|20 Videos
NAVBODH-सतह रसायन -NCERT पाठ्यनिहित प्रश्नोत्तर
  1. जलीय विलयनों के वैद्युत अपघटन में प्रायः प्लैटिनम एवं पैलेडियम जैसे पद...

    Text Solution

    |

  2. ताप बढ़ने पर भौतिक अधिशोषण क्यों घटता है ?

    Text Solution

    |

  3. अपने क्रिस्टलीय रूपों की तुलना में चूर्णित पदार्थ अधिक प्रभावी अधिशोषक...

    Text Solution

    |

  4. अमोनिया प्राप्त करने के लिए हैबर प्रक्रम में CO को हटाना क्यों आवश्यक ...

    Text Solution

    |

  5. एस्टर का जल अपघटन प्रारंभ में धीमा एवं कुछ समय पश्चात् तीव्र क्यों हो ...

    Text Solution

    |

  6. उत्प्रेरण के प्रक्रम में विअधिशोषण की क्या भूमिका है?

    Text Solution

    |

  7. आप हार्डी शूल्जे नियम में संशोधन के लिए क्या सुझाव दे सकते हैं?

    Text Solution

    |

  8. अवक्षेप का मात्रात्मक आकलन करने से पूर्व उसे जल से धोना आवश्यक क्यों ह...

    Text Solution

    |