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BIOLOGY
मनुष्य में कॉर्पस ल्यूटीयम के निर्माण त...

मनुष्य में कॉर्पस ल्यूटीयम के निर्माण तथा कार्य को समझाइए ।

लिखित उत्तर

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कॉर्पस ल्यूटीयम का निर्माण अण्डाशय में होता है । अण्डोत्सर्ग अर्थात अण्डाणु के डिम्ब पुटिका तथा अण्डाशय से बाहर निकलने के बाद डिम्ब पुटिका में एक घाव बन जाता है, जिसमे रुधिर भरा रहता है । इस समय पुटिका को कॉर्पस हीमोरैजिकम ( Corpus Haemorrhagicum ) कहते हैं । जल्दी ही इस पुटिका की रुधिर से भरी गुहा में पुटिका कोशिकाएँ भर जाती हैं । अब इस पुटिका को कॉर्पस ल्यूटीयम ( Corpus Lutium ) कहते हैं ।कॉर्पस ल्यूटीयम के बनने और संरक्षण तथा अण्डोत्सर्ग ( आदि पुटिका से डिम्ब पुटिका तक का बनना ) का नियंत्रण पीयूष ग्रन्थि के होर्मोनों F.S.H. और L.H. के द्वारा होता है । यदि अण्डोत्सर्ग के बाद अण्डाणु का निषेचन हो जाता है तब तो कॉर्पस ल्यूटीयम गर्भ के सातवें महीने तक रहता है, लेकिन जब निषेचन नहीं हो पाता, तब यह विलुप्त हो जाती है । यह कॉर्पस ल्यूटीयम कुछ हॉर्मोन्स का निर्माण करता है जो गर्भधारण तथा दुग्ध निर्माण को प्रेरित करते हैं ।
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