Home
Class 12
BIOLOGY
बन्ध्य दम्पत्तियों को संतान पाने हेतु सह...

बन्ध्य दम्पत्तियों को संतान पाने हेतु सहायता देने वाली कुछ विधियाँ बताइए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

यदि दंपत्ति वच्चा पैदा करने में अक्षम है तथा ऐसे दोष को ठीक करने का इलाज संभव न हो तो कुछ विशेष तकनीकों के द्वारा उन्हें बच्चा पैदा करने में सहायता की जा सकती हैं, ये तकनीकें सहायक जनन प्रौद्योगिकी (ART) कहलाती हैं।
1. पात्रे निषेचन (Invitro fertilization IVF)-इस विधि में अण्डाणु का निषेचन शरीर से बाहर लगभग शरीर के भीतर जैसी स्थिति में कराया जाता है। इसके पश्चात् स्त्री में भ्रूण स्थानान्तरण (Embryo transfer, ET) कराया जाता है।
(i) युग्मनज डिंबवाहिनी स्थानान्तरण (Zygote intrafeallopian transfer ZIFT)-इस प्रक्रिया में प्रारंभिक भ्रूण को 8 ब्लास्टोमियर तक की अवस्था में स्त्री को डिंबवाहिनी या फैलोपियन नलिका में अग्निम परिवर्धन के लिए स्थानांतरित किया जाता है।
(ii) आन्तर गर्भाशयी स्थानान्तरण (Inirauterine transfer IUT) -जब भ्रूण को 8 ब्लास्टोमियर से अधिक अवस्था पर परिवर्तन हेतु स्त्री के गर्भाशय में स्थानान्तरित किया जाता है तो इसे IUT कहते हैं। यदि किसी स्त्री में गर्भघारण नहीं हो पाता है तो उसकी सहायता के लिए पात्रे निषेचन अर्थात् अन्य स्त्री के भीतर ही निषेचन कराने के बाद भ्रूण को उस स्त्री में स्थानान्तरित किया जा सकता है
(ii) टेस्ट ट्यूव बेबी (Test tube baby)-इस विधि में दाता स्त्री के अण्डे को दाता पुरुष शुक्रागु से प्रयोगशाला में परखनली के भीतर (स्त्री शरीर के बाहर) निषेचन कराया जाता है तथा निश्चित समय तक अनुरूपी परिस्थितियों में परिवर्धन के बाद अग्रिम परिवर्धन हेतु स्त्री के गर्भाशय में स्थानान्तरित कर दिया जाता है। इस विधि द्वारा जन्मे बच्चे को "टेस्ट ट्यूब बेयी" कहते हैं।
2. 2. युरमक आत्तर फैलोपीयन स्थानान्तरण (Gamete intrafallopian transfer GIFT)-जिन स्त्रियों में अण्डाणु उत्पन्न नहीं होता है किन्तु इनमें निषेचन और भ्रूण परिवर्धन के लिए उचित वातावरण होता है उनमें यह विधि अपनायी जाती है। इसमें एक दाता स्त्री से अण्डाणु लिया जाता है तथा उस स्त्री को फैलोपीयन नलिका में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
3. आन्तर कोशिकीय शुक्राणु निक्षेपण (Intra-cytoplasmic sperm injection)- प्रयोगशला में भ्रूण बनाने के लिए इसे प्रक्रिया में शुकाणु को सीधे ही अण्डाणु में अंतकषेपित कर दिषा जाता है।
4. कृत्रिम वीर्य सेचन (Artificial insemination A)--यदि पुरुष-स्त्री को वीर्य सेचित करने में अक्षम हो अथवा उसके वीर्च में शुक्राणुओं की संख्या कम हो तो ऐसी अवस्था में यह तकनीक अपनायी जाती है। इस विधि में पति अथवा एक स्वस्थ दाता का वीर्य कृत्रिम रूप से स्त्री की योनि में प्रविष्ट कर दिया जाता है। जब कृत्रिम विधि से वीर्य को गर्भाशय में प्रविष् किया जाता है तो इसे गर्भाशय वीर्य सेचन (Intra-uterine insemination IUI) कहते हैं।
5. परपोधी मातृत्व (Host mothering)-इस विधि में ध्रूण को प्राकृतिक माता से निकालकर एक अन्य स्त्री धात्रेय माता (Foster mother) में रोपित कर दिया जाता है। धात्रेय माता में यह भूरूण जन्म तक अथवा अस्थायी रूप से निश्चित समय तक वर्धित होता है। जिसके बाद इन्हें पुनः मूल माता में या अन्य किसी स्त्री में रोपित कर दिया जाता है। यह तकनीक ऐसी स्त्रियों के लिए लाभदायक है जिनमें भ्रूण बन तो जाता है किन्तु पूर्ण परिवर्धन के समय तक ये इसे रख नहीं पाती हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • जनन स्वास्थ्य

    NAVBODH|Exercise अति लघु उत्तरीय प्रश्न|26 Videos
  • जनन स्वास्थ्य

    NAVBODH|Exercise लघु उत्तरीय प्रश्न|21 Videos
  • जनन स्वास्थ्य

    NAVBODH|Exercise एक शब्द में उत्तर दीजिए -|4 Videos
  • खाद्य उत्पादन में वृध्दि की कार्यनीति

    NAVBODH|Exercise NCERT आधारित प्रश्न|12 Videos
  • जीव एवं समष्टियाँ

    NAVBODH|Exercise दीर्घ उत्तरीय प्रशन|9 Videos
NAVBODH-जनन स्वास्थ्य -NCERT प्रश्नोत्तर
  1. समाज में जनन स्वास्थ्य के महत्व के बारे में अपने विचार प्रकट कीजिए।

    Text Solution

    |

  2. जनन स्वास्थ्य के उन पहलओं को समझाइये , जिस पर आज के परिदृश्य में विशेष...

    Text Solution

    |

  3. क्या विद्यालयों में यौन शिक्षा आवश्यक है ? यदि हाँ तो क्यों?

    Text Solution

    |

  4. क्या आप मानते हैं कि पिछले 50 वर्षों के दौरान हमारे देश के जनन स्वास्थ...

    Text Solution

    |

  5. जनसंख्या विस्फोट के कौन-से कारण हैं?

    Text Solution

    |

  6. क्या गर्भ-निरोधकों का उपयोग न्यायोचित है ? कारण बताइए।

    Text Solution

    |

  7. जनन ग्रंथि को हटाना, गर्भ निरोधकों का विकल्प नहीं माना जा सकता है, क्य...

    Text Solution

    |

  8. उल्बवेधन एक घातक लिंग निर्धारण (जाँच) प्रक्रिया है, जो हमारे देश में न...

    Text Solution

    |

  9. बन्ध्य दम्पत्तियों को संतान पाने हेतु सहायता देने वाली कुछ विधियाँ बता...

    Text Solution

    |

  10. किसी व्यक्ति को यौन संचारित रोगों की चपेट में आने से बचने के लिए कौन-स...

    Text Solution

    |

  11. ये वाक्य सही है या गलत, व्याख्या सहित बताइए- गर्भपात स्वत: भी हो सकत...

    Text Solution

    |

  12. ये वाक्य सही है या गलत, व्याख्या सहित बताइए- बंध्यता को जीवनक्षम संत...

    Text Solution

    |

  13. ये वाक्य सही है या गलत, व्याख्या सहित बताइए- एक प्राकृतिक गर्भ निरोध...

    Text Solution

    |

  14. ये वाक्य सही है या गलत, व्याख्या सहित बताइए- लीगों के जनन स्वास्थ्य ...

    Text Solution

    |

  15. इन प्रश्नों की सही कीजिए- गर्भ निरोधक के शल्य क्रियात्मक उपाग युग्मक...

    Text Solution

    |

  16. इन प्रश्नों की सही कीजिए- सभी प्रकार के बौन संचारित रोग पूरी तरह उप...

    Text Solution

    |

  17. इन प्रश्नों की सही कीजिए- ग्रामीण महिलाओं के बीच गर्भ निरोधक के रूप ...

    Text Solution

    |

  18. इन प्रश्नों की सही कीजिए- ई. टी. तकनीकों में ध्रूण को सदैव गर्भाशय म...

    Text Solution

    |