Home
Class 14
MATHS
छात्रों को बचत की औसत (अंकगणितीय मध्य) र...

छात्रों को बचत की औसत (अंकगणितीय मध्य) राशि रूपय 600 है। 3 छात्र ऐसे हैं जिनकी कोई बचत नहीं हैं और अन्य छात्रों में से प्रत्येक की कम से कम रूपय 250 की बचत है और निहार की रूपय 1300 की बचत है। बताइए बचत की सबसे बडी राशि (में रूपय) क्या हो सकती है ?

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

In a school, 5/12 of the number of students are girls and the rest are boys, 4/7 of the number of boys are below 14 years of age, and 2/5 of the number of girls are 14 years or above 14 years of age. If the number of students below 14 years of age is 1120, then the total number in the school is: एक स्कूल में, छात्रों की संख्या में से 5/12 लड़कियाँ हैं और बाकी लड़के हैं, जिनमें से 4/7 लड़कों की संख्या 14 वर्ष से कम है, और 2/5 की संख्या में लड़कियाँ 14 वर्ष या 14 वर्ष से अधिक हैं। यदि 14 वर्ष से कम आयु के छात्रों की संख्या 1120 है, तो स्कूल में कुल संख्या है:

संसार के सभी देशों में शिक्षित व्यक्ति की सबसे पहली पहचान यह होती है। कि वह अपनी मातृभाषा में दक्षता से काम कर सकता है। केवल भारत ही एक ऐसा देश है, जिसमें शिक्षित व्यक्ति वह समझा जाता है, जो अपनी मातृभाषा में दक्ष हो या न हो, किन्तु अंग्रेज़ी में जिसकी दक्षता असंदिग्ध हो। संसार के अन्य देशों में सुसंस्कृत व्यक्ति वह समझा जाता है, जिसके घर में । अपनी भाषा की पुस्तकों का संग्रह हो और जिसे बराबर यह पता रहे कि उसकी भाषा के अच्छे लेखक और कवि कौन हैं तथा समय-समय पर उनकी कौन-सी कृतियाँ प्रकाशित हो रही हैं? भारत में स्थिति दूसरी है। यहाँ घर में प्रायः साज-सज्जा के आधुनिक उपकरण तो होते हैं, किन्तु अपनी भाषा की कोई पुस्तक नहीं होती है। यह दुर्वस्था भले ही किसी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम है, किन्तु वह सुदशा नहीं है दुर्वस्था ही है। इस दृष्टि से भारतीय भाषाओं के लेखक केवल यूरोपीय और अमेरिकी लेखकों से ही हीन नहीं हैं, बल्कि उनकी किस्मत चीन, जापान के लेखकों की किस्मत से भी खराब है, क्योंकि इन सभी लेखकों की कृतियाँ वहाँ के अत्यन्त सुशिक्षित लोग भी पढ़ते हैं। केवल हम ही नहीं हैं, जिनकी पुस्तकों पर यहाँ के तथाकथित शिक्षित समुदाय की दृष्टि प्राय: नहीं पड़ती। हमारा तथाकथित उच्च शिक्षित समुदाय जो कुछ पढ़ना चाहता है, उसे अंग्रेजी में ही । पढ़ लेता है यहाँ तक उसकी कविता और उपन्यास पढ़ने की तृष्णा भी अंग्रेजी की कविता और उपन्यास पढ़कर ही समाप्त हो जाती है और उसे यह जानने की इच्छा नहीं होती कि शरीर से वह जिस समाज का सदस्य है उसके मनोभाव उपन्यास और काव्य में किस अदा से व्यक्त हो रहे हैं। इस गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक निम्नलिखित में से क्या हो सकता है?