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PHYSICS
निज अर्द्धचालक क्या है ? इनमे विद्युत चा...

निज अर्द्धचालक क्या है ? इनमे विद्युत चालन सम्भव क्यों नहीं होता है ? ताप बढ़ाने पर विद्युत चालन सम्भव होता है। क्यों ?

लिखित उत्तर

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वह पदार्थ जो कि बिना अशुद्धि के अपने आन्तरिक गुणों के कारण अर्द्धचालक की भाँति व्यवहार करता है , निज अर्द्धचालक कहलाता है । जर्मेनियम और सिलिकॉन निज अर्द्धचालक के उदाहरण है ।
निज अर्द्धचालक के बाहृा कक्ष में चार इलेक्ट्रॉन होते है । इन्हे संयोजी इलेक्ट्रॉन कहते है । कम ताप पर प्रत्येक परमाणु के चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन कहते है । कम ताप पर प्रत्येक परमाणु के एक - एक इलेक्ट्रॉन अपने चारों ओर के चार परमाणुओं के एक - एक इलेक्ट्रॉन से साझेदारी करके सह - संयोजक बंन्ध लेते है । जिससे प्रत्येक परमाणु स्थायी विन्यास प्राप्त कर लेता है । फलस्वरूप एक भी स्वतन्त्र इलेक्ट्रॉन शेष नहीं रह पाता है , अतः इनमे विद्युत प्रवाह नहीं हो पाता। ताप बढ़ाने पर अधिक सह - संयोजक बन्धों के टूट जाने के कारण स्वतन्त्र एलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है तथा विधुत चालन सम्भव हो जाता है ।
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