Home
Class 12
PHYSICS
चल कुण्डली धारामापी की सुग्राहिता से आप ...

चल कुण्डली धारामापी की सुग्राहिता से आप क्या समझते हैं ? इसके लिए व्यंजक लिखिए । इसकी सुग्राहिता किन-किन कारकों पर निर्भर करती है और किस प्रकार ?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

कुण्डली में एकांक धारा प्रवाहित करने पर उसमें उत्पन्न विक्षेप को धारामापी की सुग्राहिता कहते हैं। यदि धारामापी में I धारा प्रवाहित करने पर उसकी कुण्डली में उत्पन्न विक्षेप `theta` हो, तो
`I=C/(nBA).theta`
या `theta/I=(nBA)/C`
अत: धारामापी की सुग्राहिता S : `theta/I=(nBA)/C`
धारामापी की सुग्राहिता निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है-
(i) फेरों की संख्या 7 पर-यदि कुण्डली में फेरों की संख्या अधिक है, तो उसकी सुग्राहिता अधिक होगी।
(ii) चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता `theta` पर-यदि चुम्बक शक्तिशाली है, तो धारामापी की सुग्राहिता अधिक होगी।
(iii) कुण्डली के क्षेत्रफल A पर-यदि कुण्डली का क्षेत्रफल अधिक है, तो धारामापी की सुग्राहिता अधिक होगी।
(iv) निलम्बन तार की प्रकृति पर-यदि निलम्बन तार के लिए एकांक ऐंठन का आघूर्ण कम है, तो धारामापी की सुग्राहिता अधिक होगी। इसके लिए फॉस्फर ब्रांज की पत्ती को लम्बी तथा पतली होनी चाहिए।
Promotional Banner