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Class 12
PHYSICS
चल कुण्डली धारामापी को अमीटर और बोल्टमीट...

चल कुण्डली धारामापी को अमीटर और बोल्टमीटर में कैसे परिवर्तित किया जाता है ?

लिखित उत्तर

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धारामापी को अमीटर में परिवर्तित करना-अमीटर का प्रतिरोध कम होना चाहिए। अत: धारामापी को अमीटर में परिवर्तित करने के लिए उसकी कुण्डली के साथ समान्तर क्रम में कम प्रतिरोध का तार, जिसे शण्ट कहते हैं, जोड़ देते हैं।
चित्र में G धारामापी का प्रतिरोध तथा S शण्ट है।

मानलो धारामापी की कुण्डली का प्रतिरोध G तथा शण्ट का प्रतिरोध S है। यदि मुख्यधारा का `I_(g)` भाग धारामापी की कुण्डली में से होकर प्रवाहित हो तो शण्ट में प्रवाहित होने वाली धारा का मान `(I-I_(g))` होगा।। धारामापी और शण्ट समान्तर क्रम में जुड़े हैं।
`therefore(I-I_(g))S=I_(g).G`
या `S=(G.I_(g))/(I-I_(g))`
इस प्रकार जब इस मान को शंट धारामापी के साथ लगा दिया जाता है तो वह 0-I एम्पियर परास के अमीटर में परिवर्तित हो जाता है।
(ii) धारामापी को वोल्टमीटर में परिवर्तित करना-वोल्टमीटर का प्रतिरोध अधिक होता है। अत: धारामापी को वोल्टमीटर में परिवर्तित करने के लिए उसकी कुण्डली के साथ श्रेणीक्रम में उच्च प्रतिरोध का तार जोड़ देते हैं।
मानलो G धारामापी का प्रतिरोध तथा R श्रेणीक्रम में जोड़ा जाने वाला प्रतिरोध है।
यदि `I_(g)` धारा प्रवाहित करने से संकेतक पूर्ण स्केल विक्षेप देता हो तो
`V=I_(g)(G+R)`
या `G+R=V/(I_(g))`
या `R=V/(I_(g))-G`
इस प्रकार जब इस मान को उच्च प्रतिरोध धारामापी की कुण्डली के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित कर दिया जाता है तो वह 0-V वोल्ट परास के वोल्टमीटर में परिवर्तित हो जाता है।
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