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Class 12
PHYSICS
साइक्लोट्रॉन क्या है ? इसका सिद्धान्त लि...

साइक्लोट्रॉन क्या है ? इसका सिद्धान्त लिखिये तथा निम्नलिखित के लिये व्यंजक ज्ञात कीजिये-
(i) आवर्तकाल, (ii) साइक्लोट्रॉन आवृत्ति, (iii) प्राप्त ऊर्जा।

लिखित उत्तर

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साइक्लोट्रॉन-साइक्लोट्रॉन एक ऐसी युक्ति है जिसका उपयोग धनावेशित कणों जैसे प्रोटॉनों, `alpha`-कण इत्यादि को त्वरित करने में किया जाता है।
सिद्धान्त-साइक्लोट्रॉन इस तथ्य पर आधारित है कि जब एक आवेशित कण एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में लंबवत् गति करता है तथा विद्युत्क्षेत्र द्वारा लगातार त्वरित होता हैं तो वह बढ़ती हुयी क्रिज्या के सर्पिलाकार पथ का अनुसरण करता है तथा उसकी चाल लगातार बढ़ती चली जाती है।
मन एक धनवेशित कण जैसे ,प्रोटॉन चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत गति करता है तो उस पर लगाने वाला लारेंज बल
`F=qvBsin90^(@)=qvB`
यहाँ बल प्रोटॉन को डीज के अंदर वृत्तीय गति करने के लिये आवश्यक अभिकेन्द्राय बल प्रदान करता है। माना वृत्तीय मार्ग की त्रिज्या r है तो अभिकेन्द्रीय बल `mv^(2)//r` होगा।
`thereforeqvB=(mv^(2))/r` या `r=(mv)/(qB)` ..(1)
डीज के अंदर अर्धवृताकार मार्ग में गति करने के लिए कण द्वारा लगाया गया समय
`t=("दूरी")/("वेग")=(pir)/v` या `t=pi/v(mv)/(qB)=(pim)/(qB)` ...(2)
अतः यह स्पष्ट है कि धनावेशित कण द्वारा एक अर्धवृत्तकर मार्ग तय करने में लगाया गया समय समान होता है। यह त्रिज्या पर निर्भर नहीं करता है।
(ii) साइक्लोट्रॉन आवृत्ति-साइक्लोट्रॉन आवृत्ति को चुम्बकीय अनुनादी आवृत्ति भी कहते हैं।
`thereforev=1/T=(qB)/(2pim)` ...(4)
तथा साइक्लोट्रॉन कोणीय आवृत्ति `omega=2piv=(qB)/m` ....(5)
(iii) प्राप्त ऊर्जा-आवेशित कण द्वारा प्राप्त ऊर्जा
`E=1/2mv^(2)`
समीकरण (1) से, `v=(qrB)/m`
`thereforeE=1/2m((qrB)/m)^(2)` या `E=(q^(2)B^(2)r^(2))/(2m)` ....(6)
`rArrepropr^(2)`
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