Home
Class 12
BIOLOGY
निम्लिखित में अंतर लिखिए - बाह्येष्मी ...

निम्लिखित में अंतर लिखिए - बाह्येष्मी एवं आतरोष्मी ( एक्टोथर्मिक एंड एंडोथर्मिक)

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

बहुपदीय समीकरण के मूल |समीकरण एवं सर्वसमिका में अंतर |मूल एवं हल में अंतर |द्विघात समीकरण के मूल एवं गुणांकों में संबंध |OMR

गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। स्वामी विवेकानंद जी एक ऐसे संत थे जिनका रोम-रोम राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत था। उनके सारे चिंतन का केंद्रबिंदु राष्ट्र था। अपने राष्ट्र की प्रगति एवं उत्थान के लिए जितना चिन्तन एवं कर्म इस तेजस्वी संन्यासी ने किया उतना पूर्ण समर्पित राजनीतिज्ञों ने भी संभवतः नहीं किया। अंतर यह है कि इन्होंने सीधे राजनीतिक धारा में भाग नहीं लिया किंतु इनके कर्म एवं चिंतन की प्रेरणा से हजारों ऐसे कार्यकर्ता तैयार हुए जिन्होंने राष्ट्र-रथ को आगे बढाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इन्होंने निजी मुक्ति को जीवन का लक्ष्य नहीं बनाया था बल्कि करोड़ो देशवासियों के उत्थान को ही अपना जीवन-लक्ष्य बनाया। राष्ट्र के दीन-हीन जनों की सेवा को ही वे ईश्वर की सच्ची पूजा मानते थे सत्य की अनवरत खोज उन्हें दक्षिणेश्वर के संत श्री रामकृष्ण परमहंस तक ले गई और परमहंस ही वह सच्चे गुरू सिद्ध हुए जिनका सान्निध्य पाकर इनकी ज्ञान-पिपासा शांत हुई। उन्तालीस वर्ष के संक्षिप्त जीवन काल में स्वामी जी जो कार्य कर गए वे आने वाली अनेक शताब्दियों तक पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। बीस वर्ष की आयु में इन्होंने शिकागो, अमेरिका के विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व किया और इसे सार्वजनिक पहचान दिलवाई। तीन वर्ष तक वे अमेरिका में ही रहे और वहाँ के लोगों को भारतीय तत्त्व-ज्ञान की अद्भुत ज्योति प्रदान की। "अध्यात्म-विद्या और भारतीय दर्शन के बिना विश्व अनाथ हो जाएगा" यह स्वामी जी का दृढ विश्वास था। वे केवल संत ही नहीं, एक महान देशभक्त, वक्ता, विचारक लेखक और मानव-प्रेमी भी थे। अमेरिका से लौटकर उन्होंने आजादी की लड़ाई में योगदान देने के लिए देशवासियों का आह्वान किया और जनता ने स्वामी जी की पुकार का उत्तर दिया। गाँधी जी की आजादी की लड़ाई में जो जन-समर्थन मिला था, वह स्वामी जी के आह्वान का ही फल था। उन्नीसवीं सदी के आखिरी दौर में वे लगभग सशक्त क्रांति के जरिए देश को आजाद कराना चाहते थे। परंतु उन्हें जल्द ही यह विश्वास हो गया था कि परिस्थितियाँ उन इरादों के लिए अभी परिपक्व नहीं हैं। इसके बाद ही उन्होंने एक परिव्राजक के रूप में भारत और दुनिया को खंगाल डाला। स्वामी जी इस बात से आश्वस्त थे कि धरती की गोद में यदि कोई ऐसा देश है जिसने मनुष्य की हर तरह की बेहतरी के लिए ईमानदार कोशिश की है, तो वह भारत ही है। उनकी दृष्टि में हिंदू धर्म के सर्वश्रेष्ठ चिन्तकों के विचारों का निचोड़ पूरी दुनिया के लिए अब भी आश्चर्य का विषय है। स्वामी जी ने संकेत दिया था कि विदेशों में भौतिक समृद्धि तो है और उसकी भारत को जरूरत भी है लेकिन हमें याचक नहीं बनना चाहिए। हमारे पास उससे ज्यादा बहुत कुछ है जो हम पश्चिम को दे सकते हैं और पश्चिम को उसकी बेसाता जरूरत है। निम्नलिखित में से कौन-सा स्वामी विवेकानंद जी के चिन्तन का सबसे प्रमुख बिन्दु था?

विद्युत सेल |विद्युत वाहक बल एवं विभवांतर में अंतर |विद्युत वाहक बल एवं विभवांतर में अंतर |सेल का आंतरिक प्रतिरोध

Study the following graph which shows income and expenditure of a company over the years and answer the questions. The difference in profit (in crores) of the company during 2007 and 2008 is. निम्नलिखित चार्ट का अध्ययन कीजिए जिसमें कंपनी की कुछ वर्षों की आय एवं उसके व्यय को दर्शाया गया है और प्रश्नों के उत्तर दीजिए : वर्ष 2007 और 2008 में कंपनी के लाभ में अंतर (₹ करोड़ में) कितना है?