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Class 12
PHYSICS
a तथा b त्रिज्याओं के दो आवेशित सुचालक ग...

a तथा b त्रिज्याओं के दो आवेशित सुचालक गोले एक चालक तार द्वारा एक-दूसरे से जोड़े गए हैं । दोनों गोलों की स्थान पर विधुत-क्षेत्रों का अनुपात ज्ञात करें । प्राप्त परिणाम के आधार पर "आवेशित चालक के तीक्ष्ण और नुकीले सिरों पर विसर्जन-क्रिया" (discharging action at sharp and pointed corners of charged conductor) की व्याख्या करें ।

लिखित उत्तर

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आवेशित सुचालक गोलों को किसी सुचालक तार से जोड़ने पर उनके बीच आवेशों का पुनर्वितरण (redistribution) होता है ताकि अंत: उनके विभव समान हो जाएँ। मान लिया कि निकाय का उभयनिष्ठ विभव V है । अब यदि उनपर आवेश क्रमश : `Q_(1)` तथा `Q_(2)` हों तो उभयनिष्ठ विभव ,
`V = (1)/(4piin_(0)) (Q_(1))/(a) = (1)/(4piin_(0)) (Q_(2))/(b)"..."(1)`
अब गोलों की सतहों पर विधुत-क्षेत्र ,
`E_(1) = (1)/(4piin_(0)) (Q_(1))/(a^(2)), E_(2) = (1)/(4piin_(0))(Q_(2))/(b^(2))`
`:. (E_(1))/(E_(2)) = (Q_(1))/(Q_(2)) xx (b^(2))/(a^(2)) = a/b xx (b^(2))/(a^(2))` [समीकरण (1) से]
`= b/a`.
अब गोलों पर आवेश के पृष्ठ-घनत्व का अनुपात,
`(sigma_(1))/(sigma_(2)) = (Q_(1)//4pia^(2))/(Q_(2)//4pib^(2)) = (Q_(1))/(Q_(2)).(b^(2))/(a^(2)) = b/a`
`:. sigma_(1)a = sigma_(2)b=sigma_(3)c = "...."`
अर्थात, `sigma prop(1)/("त्रिज्या")`.
स्पष्टत: अल्प त्रिज्या, अर्थात अधिक वक्रता (moer curvature) की सतह पर प्रति एकांक क्षेत्रफल पर आवेश का अधिक परिमाण होगा। यही कारण है कि नुकीले चालक की नोक पर अति अल्प त्रिज्या होने के कारण आवेश का घनत्व अत्यधिक होता हैं, फलतः आवेश का विसर्जन (discharge) होने लगता है ।
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