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Class 12
PHYSICS
किसी इलेक्ट्रॉन के नैज चक्रणी कोणीय संव...

किसी इलेक्ट्रॉन के नैज चक्रणी कोणीय संवेग ( interinsic spin angular monentum ) `vecs` एवं
कक्षीय कोणीय संवेग ( orbital angular momentum ) `vecl` से संबद्ध चुंबकीय आघूर्ण क्रमशः `vec (mu_(s))`
तथा `vec(mu_(l))` है । क्वांटम सिद्धांत के आधार पर (एवं प्रयोगात्मक रूप से अत्यंत परिशुद्धतापूर्वक
पुष्ट ) इनके मान क्रमशः निम्नलिखित प्रकार दिए जाते है -
`vec(mu_(s)) = - ((e)/(m)) vec(s) " तथा " vec(mul) = - ((e)/(2m)) vecl`
इसमें कौन-सा व्यंजक चिररसम्मत सिद्धांतो के आधार पर प्राप्त करने की आशा की जा सकती है ? उस चिरसम्मत सिद्धांत के आधार पर प्राप्त होनेवाले व्यंजक को व्युत्पन्न करे ।

लिखित उत्तर

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चिरसम्मत सिद्धांतो के आधार पर संबंध ` vec(mul) = - (e)/(2m)) vecl ` , मान्य है , जिसे निम्नाकिंत प्रकार से व्युत्पन्न किया जाता है :
इलेक्ट्रॉन की कक्षीय गति (orbital motion ) के कारण संबंद्ध चुंबकीय द्विध्रुव आघूर्ण
` mu_(l) ," धारा" xx` कक्षीय पथ में निहित क्षेत्रफल
` = I A = (e)/(T) . pir^(2)` ,
जहाँ T = कक्षीय गति का अपवर्तकाल तथा r = कक्षा की त्रिज्या । अब इलेक्टॉन की वृत्तीय गति में कोणीय संवेग (angular monentum ) का परिमाण
` l = mvr = (m 2 pir)/(T) r = (2pinr^(2))/(T)` ,
जहाँ m = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान ।
`therefore (mu_(l))/(l) = (e.(pir^(2))/(T))/((2pinr^(2))/(T)) = (e)/(2m)`
चूँकि इलेक्ट्रॉन का आवेश ( -e ) ऋणात्मक होता है , फलतः `vec(mu_(l)) "तथा " vecl` की दिशाएँ घूर्णन -तल के लंबवत होगी , लेकिन वे एक -दूसरे के विपरीत होगी । स्पष्टतः ,
`(mu_(l))/(l) =-(e)/(2m) "या " vec(mu_(l)) = -((e)/(2m)) vecl`
यह संबंध क्वांटम सिद्धांत द्वारा प्राप्त सिद्धांत के अनुकूल है । लेकिन , चक्रण के लिए क्वांटम सिद्धांत से प्राप्त मान ` vec(mu_(s)) = - ((e)/(m))vecs` चिरसम्मत सिद्धांत के आधार पर अभिकल्पित `vec(mu_(s))` के मान
`(vec(mu_(s)) = - (e)/(2m).vecs)` का दुगुना है ।
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