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Class 12
PHYSICS
निर्वात में संचरित विद्युत -चुंबकीय तरं...

निर्वात में संचरित विद्युत -चुंबकीय तरंग के तात्त्कालिक विद्युत -क्षेत्र `vecE` को निम्नलिखित व्यंजक से व्यक्त किया जाता है :
`vecE = (3.1 NC^(-1)) cos [(1.8 rad m^(-1)) y + (5.4 xx 10^(8) rad s^(-1))t]hati`
(a) तरंग संचरण की दिशा क्या है ?
(b)तरंगदैर्ध्य `lambda` ज्ञात करें ।
(c)आवृत्ति f ज्ञात करें ।
(d) तरंग के चुंबकीय क्षेत्र सदिश का आयाम `B_(0)` ज्ञात करें ।
(e)तरंग के चुंबकीय क्षेत्र के लिए व्यंजक लिखें ।

लिखित उत्तर

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(a) प्रश्न में दिए गए समीकरण का रूप है : `vecE = E_(0) cos (ky + omegat) hati"..."(i)`
यह समीकरण y की ऋणात्मक दिशा में तरंग के संचरण को व्यक्त करता है तथा E का आवृत्ति परिवर्तन x-दिशा में होता है ।
(b) प्रश्न में दिए गए समीकरण (1) को समीकरण से तुलना करने पर,
`k = 1.8 rad m^(-1)`
या `(2pi)/(lambda) = 1.8 rad m^(-1)`
`:.` तरंगदैर्ध्य, `lambda = ((2pirad))/((1.8 rad m^(-1))) = (2 xx 3.14)/(1.8) m = 3.5`m
(c) आवृत्ति , `f = c/(lambda) = ((3 xx 10^(8) ms^(-1)))/((3.5m)) =0.857 xx 10^(8) s^(-1) = 85.7 xx 106(6) Hz ~~ 86 MHz`.
(d) सिद्धांत से, `c = (E_(0))/(B_(0))` या `B_(0)= (E_(0))/(c) = ((3.1 NC^(-1)))/((3 xx 10^(8) ms^(-1))) = 1.03 xx 10^(-8)T`.
(e) चूँकि तरंग का संचरण y-अक्ष की ऋणात्मक दिशा में हो रहा है तथा `vecE` क्षेत्र x-अक्ष के अनुरेख है, अतः `vecB` क्षेत्र अवश्य z-अक्ष के अनुरेख होगा जो `vecE` क्षेत्र एवं तरंग संचरण की दिशा के लंबवत होगा ।
स्पष्टत:, अभीष्ट समीकरण का निम्नांकित रूप होगा :
`vecB = B_(0) cos (ky + omegat)hatk`
`= (1.03 xx 10^(8) T) cos [(1.8 rad m^(-1)) y + (5.4 xx 10^(6) rad s^(-1))t]hatk`.
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