काँच का अपवर्तनांक 1.50 है । (a) काँच में प्रकाश कि चाल क्या होगी ?(निर्वात में प्रकाश की चाल `3xx10^(8)ms^(-1)` है ।) (b) क्या काँच में प्रकाश की चाल ,प्रकाश के रंग पर निर्भर करती है ? यदि हाँ ,तो लाल तथा बैंगनी में से कौन -सा रंग काँच के प्रिज्म में धीमा चलता है ?
लिखित उत्तर
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दिया गया है कि काँच का अपवर्तनांक , `n_(g)=1.50` निर्वात में प्रकाश कि चाल, `c=3xx10^(8)ms^(-1)` (a) अपवर्तनांक कि परिभाषा से , काँच का अपर्वतनांक `("निर्वात में प्रकाश कि चाल")/("काँच में प्रकाश कि चाल")` या `n_(g)=(c )/(c_(g))` या `c_(g)=(c)/(n_(g))=(3xx10^(8)ms^(-1))/(1.50)=2xx10^(8)ms^(-1)`. किसी माध्यम में प्रकाश कि चाल ,प्रकाश के तरंगदैर्ध्य और इसलिए उसके रंग पर निर्भर करती है । कुशी सूत्र के अनुसार ,माध्यम के अपवर्तनांक और तरंगदैर्ध्य में निम्नलिखित सम्बन्ध है : `n=A+(B)/(lambda^(2))+(C)/(lambda^(4))+`... यहाँ इत्यादि नियतांक है जिन्हें कुशी का स्थिरांक कहा जाता है।इस सूत्र से स्पष्ट है कि तरंगदैर्ध्य `lambda` का मान बढ़ने पर माध्यम का अपवर्तनांक n घटता है और अपर्वतनांक n कि परिभाषा से अपर्वतनांक n के घटने से उस माध्यम में प्रकाश कि चाल `c_(m)` बढ़ती है । इस प्रकार हम देख सकते हैं कि के बढ़ने से बढ़ता है। चूँकि बैंगनी रंग का तरंगदैर्ध्य लाल रंग के से कम होता है , अर्थात `lambda_(v)ltlambda_(r)`. इसलिए किसी प्रिज्म में बैंगनी रंग का प्रकाश से धीमा चलता है ।