Home
Class 12
BIOLOGY
सही या गलत कथनों को पहचानें : योनिच्छद...

सही या गलत कथनों को पहचानें :
योनिच्छद (हाइमेन) की उपस्थिति अथवा अनुपस्थिति कोमारय (वर्जिनिटी) या यौन अनुभव का विश्वसनीय संकेत नहीं हैं। (सही/गलत)

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

सुप्रसिद्ध गीतकार गोपालदास 'नीरज' ने अपनी एक रचना में कहा है। जैसा हो आघात रे वैसा बजे सितार, तेरी ही आवाज को प्रतिध्वनि है संसारा हम वाद्ययंत्रों पर जैसा आघात करते हैं वैसी ही ध्वनि उनसे निकलती है। यदि कठोरता से आघात करते हैं तो कठोर ध्वनिः उत्पन्न होती है, लेकिन यदि कोमलता से आघात करते हैं तो कर्णप्रिय कोमल ध्वनि उत्पन्न होती है। यदि हम किसी वाद्ययंत्र को । नियमपूर्वक ठीक से बजाते हैं तो सही राग उत्पन्न होता है, अन्यथा सही राग उत्पन्न होने का प्रश्न ही नहीं उठता। सही राग उत्पन्न न होने की स्थिति में गुणीजन हमारे गायन अथवा वादन की ओर आकर्षित ही नहीं होंगे। हमारे जीवन रूपी सितार की भी यही स्थिति - होती है। यदि हम अनुशासन में रहते हुए प्रत्येक कार्य नियमानुसार करते हैं तो जीवन रूपी सितार से उत्पन्न होने वाला प्रत्येक राग रूपी कार्य हमें सार्थकता और आनंद ही प्रदान करेगा। इस संसार में हम जो कुछ सोचते, की '' है " वहीं हमारे पास लौटकर आता है। न कम, न अधिक। जब हम किसी खंडहर अथवा वादी में कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते हैं तो कुछ देर बाद वही अच्छा शब्द या वाक्य गँजता हुआ हमें सुनाई पड़ता है। और यदि हम कोई बुरा, अपमानजनक अथवा घृणास्पद शब्द या वाक्य बोलते हैं तो कुछ देर बाद वही बुरा, अपमानजनक नि अथवा घृणास्पद शब्द या वाक्य हमें सुनाई पड़ता है। यदि हम उ सुरीली आवाज निकालते हैं तो वैसी ही सुरीली आवाज लौटकर हा हमारे पास आती है, लेकिन यदि हम डरावनी आवाज निकालते हैं सं तो वैसी ही डरावनी आवाज लौटकर आती है। हम जैसा एक बार बोलते हैं। वैसा ही कई बार सुनने को अभिशप्त होते हैं। पर यह बात अनुभव करते हुए भी इसका आशय हम समझते नहीं। चूँकि आवाज के लौटकर आने में थोड़ा वक्त लगता है, इसलिए हम उसे स्वतंत्र घटना मान लेते हैं। यह अहसास नहीं कर पाते कि हमारे ही किए हुए काज, हमारे ही सोचे हुए भाव अलग दिशा से हमारे पास आते दिख रहे हैं। जीवन के साथ सितार की तुलना किसलिए की गई है?

सुप्रसिद्ध गीतकार गोपालदास 'नीरज' ने अपनी एक रचना में कहा है। जैसा हो आघात रे वैसा बजे सितार, तेरी ही आवाज को प्रतिध्वनि है संसारा हम वाद्ययंत्रों पर जैसा आघात करते हैं वैसी ही ध्वनि उनसे निकलती है। यदि कठोरता से आघात करते हैं तो कठोर ध्वनिः उत्पन्न होती है, लेकिन यदि कोमलता से आघात करते हैं तो कर्णप्रिय कोमल ध्वनि उत्पन्न होती है। यदि हम किसी वाद्ययंत्र को । नियमपूर्वक ठीक से बजाते हैं तो सही राग उत्पन्न होता है, अन्यथा सही राग उत्पन्न होने का प्रश्न ही नहीं उठता। सही राग उत्पन्न न होने की स्थिति में गुणीजन हमारे गायन अथवा वादन की ओर आकर्षित ही नहीं होंगे। हमारे जीवन रूपी सितार की भी यही स्थिति - होती है। यदि हम अनुशासन में रहते हुए प्रत्येक कार्य नियमानुसार करते हैं तो जीवन रूपी सितार से उत्पन्न होने वाला प्रत्येक राग रूपी कार्य हमें सार्थकता और आनंद ही प्रदान करेगा। इस संसार में हम जो कुछ सोचते, की '' है " वहीं हमारे पास लौटकर आता है। न कम, न अधिक। जब हम किसी खंडहर अथवा वादी में कोई अच्छा शब्द या वाक्य बोलते हैं तो कुछ देर बाद वही अच्छा शब्द या वाक्य गँजता हुआ हमें सुनाई पड़ता है। और यदि हम कोई बुरा, अपमानजनक अथवा घृणास्पद शब्द या वाक्य बोलते हैं तो कुछ देर बाद वही बुरा, अपमानजनक नि अथवा घृणास्पद शब्द या वाक्य हमें सुनाई पड़ता है। यदि हम उ सुरीली आवाज निकालते हैं तो वैसी ही सुरीली आवाज लौटकर हा हमारे पास आती है, लेकिन यदि हम डरावनी आवाज निकालते हैं सं तो वैसी ही डरावनी आवाज लौटकर आती है। हम जैसा एक बार बोलते हैं। वैसा ही कई बार सुनने को अभिशप्त होते हैं। पर यह बात अनुभव करते हुए भी इसका आशय हम समझते नहीं। चूँकि आवाज के लौटकर आने में थोड़ा वक्त लगता है, इसलिए हम उसे स्वतंत्र घटना मान लेते हैं। यह अहसास नहीं कर पाते कि हमारे ही किए हुए काज, हमारे ही सोचे हुए भाव अलग दिशा से हमारे पास आते दिख रहे हैं। 'हम जैसा करते हैं वैसा पाते हैं''- यह समझाने के लिए लेखक ने किसका उदाहरण दिया है?

Recommended Questions
  1. सही या गलत कथनों को पहचानें : योनिच्छद (हाइमेन) की उपस्थिति अथवा अनु...

    Text Solution

    |

  2. परिचय|अभिक्रिया का वेग या अभिक्रिया की दर|अभिक्रिया का वेग या अभिक्रिय...

    Text Solution

    |

  3. माल्टोस की संरचना का अध्ययन कीजिए और गलत कथन को चिह्नित कीजिए।

    Text Solution

    |

  4. नीचे वर्णित यौगिकों के कितने निरूपण शामिल परमाणुओं की बंधन क्षमताओं का...

    Text Solution

    |

  5. सीरियम (Z = 58) लैंथेनॉइडों का एक सदस्य है। निम्नलिखित में से सीरियम क...

    Text Solution

    |

  6. लेड की शर्करा या लेड शर्करा हैं:

    Text Solution

    |

  7. पूतिरोधी और कीटाणुनाशक या तो सूक्ष्मजीवों को नष्ट करते है या उनकी वृद्...

    Text Solution

    |

  8. तिर्यकबंथित या नेटवर्क बहुलकों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन सा ...

    Text Solution

    |

  9. दिए गए कथनों में से कौन सा कथन गलत है?

    Text Solution

    |