कवकों का वर्गीकरण
(Classification of Fungi) मार्टिन (Martin-1953) ने वास्तविक कवक (यूमाइसिटीज-eumycetes) को चार वर्गों में विभाजित किया - 1. वर्ग-फाइकोमाइसिटीज (Phycomycetes)-ये स्थलीय, कवक जाल पटरहित (aseptate), शाखामय, संकोशिकीय (cocnocytic) होते हैं। जननांग पूर्ण विकसित होते हैं। लैंगिक जनन संयुग्मन (conjugation) द्वारा होता है। युग्मकों के संलयन से युग्माणु (zygosporé) का निर्माण होता है। ये अविकल्पी परजीवी होते हैं। इनको सामान्यतया ब्रेड मोल्ड (bread mold) या काली फफूंद (black mold) के नाम से जाना जाता है।
उदाहरण-सिनकाइट्रियम (Synchytrium), ऐल्बूगो (Albugo), म्यूकर (Mucor), राइजोपस (Rhizopus), कीटोमियम (Chaetomium) आदि।
2. वर्ग-ऐस्कोमाइसिटीज (Ascomycetes)-ये स्थलीय, पटीय कवक जाल (septate) या कवक सूत्र हासित (reduced), एककोशिकीय (जैसे—यीस्ट). अथवा अत्यधिक शाखित तथा पटयुक्त जालमय (जैसे-ऐस्पर्जिलस) होते हैं। अलैंगिक जनन अचल बीजाणुओं जैसे कोनिडिया, ऑइडिया, क्लैमाइडो बीजाणुओं द्वारा होता है। कायिक जनन मुकुलन (budding), खण्डन (fragmentation), द्विखण्डन (fission) आदि विधि से होता है। जननांग ऐस्कस (ascus) के रूप में, लैंगिक जनन ऐस्कस बीजाणु (ascospores) द्वारा होता है। ऐस्कोस्पोर्स अंकुरित होकर कवक जाल बनाते हैं। ये मृतजीवी, अपघटक या . परजीवी होते हैं। उदाहरण-यीस्ट (Saccharomyces), ऐस्पर्जिलस (Aspergillus), पेनिसिलियम (Penicillium), न्यूरोस्पोरा (Neurosphora) आदि।
3. वर्ग-बेसिडियोमाइसिटीज (Basidiomycetes)-स्थलीय, पटीय कवक जाल (septate mycelium) सुविकसित होता है। इनमें जननांगी ह्रास (sexual,degeneration) होता है। लैंगिक जनन दो भिन्न प्रभेद के क होता है। इनमें अलैंगिक जनन में प्राय: बीजाणु नहीं बनते, लैंगिक जनन कायिक कोशिकाओं में प्लाज्मोगैमी (plasmogamy) द्वारा होता है। इसके फलस्वरूप बेसिडियम बनते हैं। बेसिडियम में बेसिडियोस्पोर (basidiospores) बनते हैं। ये मृतजीवी या
हैं। इनको सामान्यतया मशरूम (mushroom), पफबाल (puff balls) या नाड़ कवक (bird.s.nest fungi) कहते हैं। रस्ट (पक्सिनिया) व स्मट (अस्टिलैगो) परजीवी कवकों से फसलों को भारी क्षति होती है। - उदाहरण-अस्टिलैगो (Ustilago), पक्सिनिया (Puccinia), ऐगैरिकसं (Agaricus), पॉलीपोरस (Polyporus), लाइकोपर्डीन (Lycoperdon) आदि!
4. वर्ग-ड्यूटीरोमाइसिटीज (Deuteromycetes)-स्थलीय, पटयुक्त कवक जाला कोशिकाएँ बहुकेन्द्रिकी होती हैं। होते हैं। ये परजीवी या मृतजीवी कवक होते हैं। इनमें अलैंगिक जनन कोनिडिया तथा ऑइडिया (oidia) द्वारा होता है। लैंगिक जनन अनुपस्थित होता है अत: इन्हें अपूर्ण कवक कहते हैं। इनमें फलनकाय नहीं बनता।
उदाहरण-सकोस्पोरा (Cercospora), आल्टरनेरिया (Alternaria), फ्यूजेरियम (Fusarium) आदि।