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PHYSICS
भौतिक विज्ञान का तकनीकी में योगदान तथा स...

भौतिक विज्ञान का तकनीकी में योगदान तथा समाज पर प्रभाव को समझाइए।

लिखित उत्तर

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भौतिक विज्ञान का तकनीकी में योगदान-तकनीकी भौतिक विज्ञान व विज्ञान की अन्य शाखाओं की प्रयोगात्मक अनुप्रयोग है जिसके द्वारा उद्योगों का विकास तथा समाज के जीवन स्तर को बढ़ाया गया है। भौतिकी के नियमों सिद्धान्तों व आविष्कारों के उपयोग से तकनीकी यन्त्रीकरण को बढ़ावा मिला है तथा तकनीकी के विकास में भौतिकी की अहम् भूमिका है। जैसे-
(i) रॉकेट नोदन की तकनीकी न्यूटन के गति के नियमों पर तथा हवाई जहाज के विंग्स की बनावट में प्रयुक्त तकनीक बरनौली की प्रमेय पर आधारित है।
(ii) वाष्प, पेट्रोल व डीजल से चलने वाले ऊष्मा इंजनों, एअर - कन्डीशनर्स व प्रशीतित्रों की तकनीकी ऊप्मागतिकी के सिद्धान्तों पर आधारित है।
(iii) विद्युत् मोटर, जेनेरेटर व विद्युत् भट्टी की तकनीकी फैराडे के विद्युत्-चुम्बकीय प्रेरण के नियमों पर आधारित है।
(iv) ऊर्जा रूपान्तरण के सिद्धान्त के उपयोग से विद्युत् (विद्युत् ऊर्जा) को विभिन्न ऊर्जाओं, जैसे जल की गुरुत्वीय/गतिज ऊर्जा, हवा की गतिज ऊर्जा, कोयला की रासायनिक ऊर्जा, नाभिकीय ऊर्जा आदि से उत्पन्न करने की तकनीकी विकसित की गयी है।
(v) रेडियो, टेलीविजन व बेतार संचार की तकनीकी विद्युत्-चुम्बकीय तरंगों के गुण एवं संचरण के सिद्धान्त पर आधारित है। चिकित्सा विज्ञान में बीमारियों की जाँच व उपचार में उपयोग होने वाली विभिन्न मशीनों एवं तकनीकियों की भौतिकी के विभिन्न आविष्कारों, नियमों व सिद्धान्तों के आधार पर विकसित किया गया है ।
(vi) कैलकुलेटर तथा कम्प्यूटर की तकनीकी डिज़िटल इलेक्ट्रॉनिक्स के नियमों पर आधारित है।
समाज पर प्रभाव-भौतिक विज्ञान के विकास ने समाज के ऊपर सीधा प्रभाव डाला है। जैसे-
(i) टेलीफोन, टेलीग्राम, टेलीप्रिन्टर व फैक्स ने समाज का स्तर ऊपर उठाया है क्योंकि इनके उपयोग से व्यवसाय, उद्योग आदि का विकास हुआ है तथा अनेक कार्यों को सम्पन्न करने में समय की बचत हुई है।

(ii) रेडियो, टेलीविजन तथा सेटेलाइट संचार प्रणाली द्वारा आज हम दुनिया के प्रत्येक भाग में एक दूसरे से हर समय जुड़े हुए हैं।
(iii) कैलकुलेटर, कम्प्यूटर, लेसर आदि ने मानव जाति की दिन-प्रतिदिन के जीवन को काफी बदला है तथा हो रहे नवीन आविष्कारों से यह बदलाव लगातार बना हुआ है। भौतिक विज्ञान के आविष्कारों, नियमों व सिद्धान्तों द्वारा विकसित तकनीकी ने मानव जाति के जीवन स्तर को काफी बदला है। भविष्य की पीढ़ी के अस्तित्व के लिए ऊर्जा के नये स्रोतों की खोज वास्तव में आवश्यक है। लेकिन दूसरी ओर नाभिकीय विखण्डन तथा नाभिकीय संलयन की खोज द्वारा रचनात्मक उंपयोग के साथ-साथ पृथ्वी पर मानव के अस्तित्व के लिए खतरा भी बना हुआ है।
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  2. भौतिक विज्ञान का तकनीकी में योगदान तथा समाज पर प्रभाव को समझाइए।

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