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Class 11
PHYSICS
माध्य मुक्त पथ से क्या तात्पर्य है ? इसक...

माध्य मुक्त पथ से क्या तात्पर्य है ? इसका व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए |

लिखित उत्तर

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माध्य मुक्त पथ का व्यंजक- माना किसी गैस के एकांक आयतन में अणुओं संख्या n तथा प्रत्येक अणु का व्यास `sigma` है | अब हम माध्य मुक्त पथ ज्ञात करने के लिए एक सरलतम मॉडल की कल्पना करते है कि केवल एक अणु A गतिशील है तथा अन्य सभी अणु क्षणिक विरामावस्था में है | यह गतिशील अणु उन सभी अणुओं से टकराएगा जिनके केंद्र इसके केंद्र से `sigma` दुरी पर होंगे | दूसरे शब्दो में, कह सकते है कि टककर केवल सभी सम्भव है जब अन्य किसी अणु का केंद्र, अणु A के केंद्र के चारो और `sigma` त्रिज्या के खींचे गए प्रभाव के गोले के अंदर पड़ता है |
यदि अणु माध्य चाल `barv` से गति करता है, तो t समय में यह उन सभी अणुओं से टकराएगा जो `barvt` लम्बाई तथा `sigma` त्रिज्या के वेलन में उपस्थित होते है | इस बेलन का आयतन `pisigma^(2)barvt` तथा आधार `pisigma^(2)` जिसे दृढ़ गोला मॉडल का संघट्ट-परिच्छेद कहते है, होगा | अतः t सेकंड में अउ A की टककरो की संख्या
= बेलन का आयतन `xx`एकांक आयतन में उपस्थित अणुओं की संख्या
` = pisigma^(2) barvt xx n`
`therefore` अणु का मुक्त पथ `lambda = (t "समय में चली गयी दुरी")/(t "समय में टककरो की कुल संख्या")`
` = (barvt)/(pisigma^(2)vtn) = (1)/(pinsigma^(2))`
इस व्यंजक की व्यतप्त्ति में यह माना गया के है कि गतिशील अणु अन्य स्थिर अणुओं से टकराता है | वास्तव में यह तथ्यों के विपरीत है, क्योकि गैस के सभी अणु गतिशील होते है, अतः टककरो की संख्या में माध्य चाल `barv` के स्थान पर अणु A की अन्य अणुओं के सापेक्ष माध्य आपेक्षिक चाल लेनी चाहिए | मैक्सवेल ने अपने चाल वितरण नियम से इसका मान `sqrt(2)barv` ज्ञात किया | अतः
संशोधन के उपरांत माध्य मुक्त पथ `lambda = (vt)/(pisigma^(2) sqrt(2)barvnt)`
या `lambda = (1)/(sqrt(2)pisigma^(2)n)`
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