बीजाण्ड की संरचना (Structure of ovule)-बीजाण्ड, अण्डाशय की दीवार से एक डण्ठल अथवा वृन्त द्वारा जुड़ा रहता है। इसे बीजाण्डवृन्त (Funicle) कहते हैं। बीजाण्ड-वृन्त जिस स्थान पर बीजाण्ड के शरीर से जुड़ा रहता है वह स्थान नाभिका (Hilum) कहलाता है। बीजाण्ड का मुख्य भाग बीजाण्डकाय (Nucellus) कहलाता है। यह भाग पतली भित्ति वाली कोशिकाओं से निर्मित होता है। बीजाण्ड एक द्विस्तरीय अध्यावरण (Integu-ments) से ढंका रहता है, लेकिन कुछ बीजाण्डों में केवल एक ही अध्यावरण होता है। अध्यावरण बीजाण्डकाय को पूर्णत: नहीं ढंकते, बल्कि कुछ भाग खुला ही रह जाता है। इस स्थान को बीजाण्डद्वार (Micropyle) कहते हैं। बीजाण्डकाय का आधारीय भाग निभाग (Chalaza) कहलाता है, यहीं से अध्यावरण पैदा होते हैं। बीजाण्डद्वार की ओर मादा युग्मक (Female gametophyte) के रूप में भ्रूणकोष (Embryo sac) पाया जाता है। भ्रूणपोष के अण्डद्वारी छोर की ओर तीन केन्द्रक मिलते हैं, इनमें से एक अण्ड-गोल (Egg of oosphere) व दो सहायक कोशिकाएँ (Synergids) बनाती हैं। निभागी छोर पर भ्रूणकोष में तीन प्रतिमुखी कोशिकाएँ (Antipodals) और बीचोंबीच द्वितीयक केन्द्रक (Secondary nucleus) पाया जाता है।
