Home
Class 11
CHEMISTRY
संयोजकता बंध सिद्धांत की प्रमुख अवधारणाय...

संयोजकता बंध सिद्धांत की प्रमुख अवधारणायें लिखिए एवं इस सिद्धांत की सीमायें बताइये।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

संयोजकता बंध सिद्धांत का प्रतिपादन हिटलर और लण्डन ने किया था जिसे पॉलिंग एवं स्लेटर ने आधुनिक स्वरूप प्रदान किया। इस सिद्धांत की प्रमुख अवधारणायें इस प्रकार है -
(1) इस सिद्धांत के अनुसार परमाणुओं के मध्य सहसंयोजक बंध उनके संयोजी कोश के अर्धपूरित परमाणु कक्षकों के आंशिक अतिव्यापन से बनते है। (2) अतिव्यापन में भाग लेने वाले परमाणु कक्षकों में विपरीत चक्रण वाले इलेक्ट्रॉन स्थित होते है। (3)
बंध की प्रबलता अतिव्यापन की सीमा पर निर्भर होती है। अधिक अतिव्यापन होने पर प्रबल बंध बनता है। (4) समान स्थायित्व , समान ऊर्जा तथा समान सममिति वाले दो कक्षकों के मध्य अधिक दिशात्मक दृढ बंध बनता है। (5) अतिव्यापन तथा इलेक्ट्रॉन के युग्मत के फलस्वरूप ऊर्जा मुक्त होती है तथा निकाय निम्न ऊर्जा अवस्था को प्राप्त कर लेता है। (6) दोनों में से प्रत्येक कक्षक का पूर्ण बंध कक्षक प्राप्त होता है और इस प्रकार उसे दोनों परमाण्वीय नाभिकों की सम्पत्ति माना जाता है।
संयोजकता बंध सिद्धांत की सीमायें - (1) इस सिद्धांत के अनुसार के अणु में कोई अयुग्मित इलेक्ट्रॉन नहीं है। अतः ऑक्सीजन की प्रकृति प्रतिचुम्बकीय होनी चाहिए परन्तु वास्तव में अणु अनुचुम्बकीय होता है। (2) उपसहसंयोजक बंध के निर्माण के विषय में कोई व्याख्या नहीं करता है। जैसे आयनों के निर्माण की व्याख्या करने में यह सिद्धांत असफल है । (4) यह अनुनाद के विषय में कोई जानकारी देने में असमर्थ है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • रासायनिक आबंधन एवं आण्विक संरचना

    YUGBODH|Exercise दीर्घ उत्तरीय प्रश्न - I I|9 Videos
  • रासायनिक आबंधन एवं आण्विक संरचना

    YUGBODH|Exercise लघु उत्तरीय प्रश्न - II|18 Videos
  • पर्यावरणीय रसायन

    YUGBODH|Exercise लघु उत्तरीय प्रश्न -II|17 Videos
  • रासायनिक ऊष्मागतिकी

    YUGBODH|Exercise आंकिक प्रश्न|5 Videos