(i) (a) षट्कोणीय निविड़ संकुलन - तृतीय पार्ट के गोले प्रथम पार्ट के गोले के ऊपर लम्ब रूप में होते है| इसके अर्थ यह है की द्वितीय पर्त की चतुष्फलकीय रिक्तियों को तृतीय पर्त के गोलों द्वारा आच्छादित किया जा सकता है| यह AB AB AB .......प्रकार का पैर्टन है|
(b) घनीय निविड़ संकुलन - तृतीय पर्त के गोले द्वितीय पर्त की अष्टफल्कीय रिक्तियों को आच्छादित करते है| किन्तु चतुर्थ पर्त के गोले प्रथम पर्त के गोलों के साथ संरेखित होते है| यह ABC ABC..... प्रकार का पैटर्न है|
