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CHEMISTRY
क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धान्त को समझाइए।...

क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धान्त को समझाइए।

लिखित उत्तर

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यह सिद्धान्त बेथे एवं वां ब्लेक द्वारा प्रतिपादित किया गया। इसके अनुसार,केन्द्रीय धातु आयन एवं इनके लिगैण्ड के बीच विशुद्ध आकर्षण से उत्पन्न होता है। यदि लिगैण्ड ऋणायन, हो तो धनायन की तरफ का आकर्षण उसी प्रकार का होता है जिस प्रकार किन्ही विपरीत आवेशित कणों के बीच आकर्षण जाता है। यदि लिगैण्ड उदासीन अणु है,तो इस द्विध्रुव का ऋणायन सिरा केन्द्रीय धनात्मक आयन की ओर आकर्षित होता है। अतः इनके बीच बन्धन आयन-आयन आकर्षण या आयन द्विध्रुव आकर्षण के कारण होता है ।
क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धान्त में धातु आयन की ओर निर्देशित लिगैण्ड के कारणd-कक्षकों का विभिन्न ऊर्जा स्तरों में विपाटन हो जाता है। विपाटन की मात्रक ( जो की धातु आयन तथा लिगैण्ड की प्रकृति पर निर्भर होता है ) के आधार पर संकुल की संरचना व गुणों की व्याख्या होती है। संक्रमण धातु संकुलों में रंग, दृश्य प्रकाश के अवशोषण के कारण होता है जिसके इलेक्ट्रॉन एक d-कक्षक से दूसरे d-कक्षक में उत्तेजित (d-d संक्रमण) होते है।
इस प्रकार यह सिद्धान्त सरल है तथा संकुलों के अधिकांश गुणों की सफलतापूर्वक व्याख्या इसकी सहायता से की जा सकती है ।
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