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CHEMISTRY
नायलॉन-6,6 बनाने की विधि, गुण एवं उपयोग ...

नायलॉन-6,6 बनाने की विधि, गुण एवं उपयोग लिखिए |

लिखित उत्तर

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नायलॉन-6,6 - यह पॉलिऐमाइड संवर्ग का अति सामान्य बहुलक है | इसमें अनुलग्न-6,6 का अर्थ है कि बहुलक शृंखला में एसिड और डाइऐमीन दोनों के छः-छः कार्बन परमाणु होते है |
नायलॉन-6,6 बनाने की विधि- यह ऐडिपिक अम्ल या 1,6- हेक्सेन डाई ओइक ऐसिड तथा हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन या 1,6- डाइऐमीनो हेक्सेन के बहुलीकरण से बनाया जाता है |
`nH_(2)N-(CH_(2))_(6) -NH_(2) + underset("एडिपिक अम्ल")overset(O)overset("||")(nHOC- (CH_(2))_(4)) - overset(O)overset("||")(COH)underset("गर्म"- nH_(2)O)overset("225K")to`
`[overset(H)overset(|)(-N)-(CH_(2))_(6) -overset(H)overset(|)N-underset(O)underset("||")C-(CH_(2))_(4)overset(O)overset("||")C-]_(n)`
गुण- (i) नायलॉन धागे की उच्च तन्य शक्ति होती है, (ii) ये कठोर होते है, (iii) इनकी प्रवृति इलास्टिक होती है एवं (iv) नायलॉन की संरचना प्रोटोन के समान होती है |
उपयोग - (i) इसका उपयोग ब्रिसल और ब्रश बनाने में होता है एवं (ii) वस्त्र उद्योग में धागे, गलीचे, बनियान, जुरावे बनाने में होता है |
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