दिया है-प्रत्येक गोले का द्रव्यमान M= 100 kg तथा त्रिज्या R = 0.10 m
मानलो दोनों गोलों A और B को मिलाने वाली रेखा का मध्य बिन्दु P है।
तब r = AP= BP=`(AB)/(2) = 1/2 = 0.5m`
बिन्दु P पर A और B के कारण गरुत्वीय क्षेत्र की तीव्रता बराबर किन्तु दिशा विपरात होगा। अतः बिन्दु P पर परिणामी गुरुत्वीय बल शून्य होगा।
गुरुत्वीय विभव एक अदिश राशि है। अत: बिन्द P परिणामी गुरुत्वीय विभव `V = V_A + V_B`
` = (-GM)/(r) + ((-GM)/(r)) = (-2GM)/(r)`
` = ( -2 xx 6.67 xx 10^(-11) xx 100 )/(0.5) = -2.668 xx 10^(-8)`
`= - 2.7 xx 10^(-8) Jkg^(-1)`
मध्य बिन्दु P पर परिणामी बल `vecF = vecF_1 + vecF_2 = 0` , अतः इस बिन्दु पर रखा कोई पिण्ड संतुलन में होगा। यह संतुलन अस्थायी होगा क्योंकि पिण्ड को एक ओर थोड़ा-सा विस्थापित करने पर एक गोले के कारण गुरुत्वीय बल बढ़ जायेगा और दूसरे के कारण कम हो जाएगा। परिणामी गुरुत्वीय बल विस्थापन की दिशा में कार्य करेगा जिससे विस्थापन का परिमाण बढ़ जाएगा।