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Class 11
PHYSICS
अणुगति सिद्धान्त के आधार पर आदर्श गैस के...

अणुगति सिद्धान्त के आधार पर आदर्श गैस के लिए दाब का व्यंजक ज्ञात कीजिए।

लिखित उत्तर

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मानलो एक धनाकार खोखला बर्तन है जिसकी प्रत्येक कोर की लम्बाई l है। इस बर्तन में एक आदर्श गैस भरी है जिसके प्रत्येक अणु का द्रव्यमान m है।
मानलो कोई अणु PK दिशा में c वेग से गति कर रहा है। इस वेग को तीन घटको u, v और w जो क्रमशः X -अक्ष, Y -अक्ष और Z -अक्ष के समान्तर है, में वियोजित किया जा सकता है।
इस प्रकार `c^(2)=u^(2)+v^(2)+w^(2)` मानलो बर्तन के दो फलक A और B ,X -अक्ष के लंबवत है। यदि यह अणु फलक A पर u वेग से टकराता है, तो टक्कर पूर्णतः प्रत्यास्थ होने के कारण यह (-u) वेग से वापस लौटे जायेगा।
टक्कर के पहले अणु का संवेग =mu
तथा टक्कर के पश्चात अणु के संवेग =-mu
अतः टक्कर के कारण अणु के संवेग में परिवर्तन =mu-(-mu)=2mu
यह अणु A से B तक पहुँचने तथा B से A तक पुनः वापस आने में 2l दुरी तय करेगा।
अणुओं को 2l दुरी तय करने में लगा समय `=(2l)/(u)`. " " `("पश्चात्" = ("दुरी")/ ("वेग "))`
स्पष्ट है कि 2l दुरी तय करने के पश्चात् अर्थात `(2l)/(u)` समय के पश्चात् वही अणु पुनः फलक A पर टकरायेगा।
अतः प्रति सेकण्ड फलक A पर टक्करों की संख्या `(u)/(2l)`
अतः प्रति सेकण्ड अणु द्वारा दीवार को प्रदान किया गया संवेग
`=2"mu"xx(u)/(2l)=("mu"^(2))/(l)`.
(अर्थात फलक A पर संवेग परिवर्तन की दर)
परन्तु न्यूटन के गति के द्वितीय नियमनुसार, संवेग परिवर्तन की दर अणु द्वारा उस फलक पर आरोपित बल के बराबर होगी।
अतः अणु द्वारा फलक A पर आरोपित दाब `=("mu"^(2))/(l)`
परन्तु `"दाब" =("बल")/ ("क्षेत्रफल")`
मानलो गैस के अणुओं की संख्या N है तथा X -अक्ष की दिशा में उनके वेगो के घटक क्रमशः `u_(1),u_(2),u_(3),.........,u_(n)` है।
अतः सम्पूर्ण अणुओं द्वारा फलक A पर आरोपित दाब,
`P_(x)=("mu"_(1)^(2))/(l^(3))+("mu"_(2)^(2))/(l^(3))+("mu"_(3)^(2))/(l^(3))+.......+("mu"_(n)^(2))/(l^(3))`
या `P_(x)(m)/(l^(3))(u_(1)^(2)+u_(2)^(2)+u_(3)^(2)+.......+u_(n)^(2))`
या `P_(x)=(m)/(V)(u_(1)^(2)+u_(2)^(2)+u_(3)^(2)+.......+u_(n)^(2))`
जहाँ ` V=t^(3)=` बर्तन का आयतन (गैस का आयतन)।
इसी तरह Y -अक्ष के लंबवत किसी फलक पर गैस के अणुओं द्वारा आरोपित दाब,
`P_(y)=(m)/(V)(v_(1)^(2)+v_(2)^(2)+v_(3)^(2)+........+v_(n)^(2))`
जहाँ `v_(1),v_(2),v_(3).......v_(n)` गैस के अणुओं के वेगों के Y -अक्ष की दिशा में घटक है। इसी प्रकार Z -अक्ष के लंबवत किसी फलक पर गैस के अणुओं द्वारा आरोपित दाब
`P_(z)=(m)/(V)(w_(1)^(2)+w_(2)^(2)+w_(3)^(2)+.......+w_(n)^(2))`
`w_(1),w_(2),w_(3)+..........w_(n)` गैस के अणुओं के वेगों के Z -अक्ष की दिशा में घटक है। परन्तु गैस द्वारा सभी दिशाओं में आरोपित दाब समान होता है।
`:.P_(z)=P_(y)=P_(z)=P` (मानलो)
अतः `P=(P_(x)+P_(y)+P_(z))/(3)`
या `P=(m)/(3V)(u_(1)^(2)+u_(2)^(2)+u_(3)^(2)+.......+u_(n)^(2))`
`+(m)/(3V)(v_(1)^(2)+v_(2)^(2)+v_(3)^(2)+..........+v_(n)^(2))+(m)/(3V)(w_(1)^(2)+w_(2)^(2)+w_(3)^(2)+.......+w_(n)^(2))` या `P=(m)/(3V)[(u_(1)^(2)+v_(1)^(2)+w_(1)^(2))+(u_(2)^(2)+v_(2)^(2)+w_(2)^(2))+(u_(2)^(2)+v_(3)^(2)+w_(3)^(2))+..........+(u_(n)^(2)+v_(n)^(2)+w_(n)^(2)]`
परन्तु `u_(1)^(2)+v_(1)^(2)+w_(1)^(2)=c_(1)^(2),u_(2)^(2)+v_(2)^(2)+w_(2)^(2)=c_(2)^(2)..........u_(n)^(2)+v_(n)^(2)+w_(n)^(2)=c_(n)^(2)`
`:.P=(m)/(3V)(c_(1)^(2)+c_(1)^(2)+c_(3)^(2)+.......+c_(n)^(2))`
परन्तु `barc^(2)=(c_(1)^(2)+c_(2)^(2)+c_(3)^(2)+......+c_(n)^(2))/(N)" ".......(1)`
या `bar(c)=sqrt((c_(1)^(2)+c_(2)^(2)+c_(3)^(2)+.......+c_(n)^(2))/(N))`
या `Nbarc^(2)=c_(1)^(2)+c_(2)^(2)+c_(2)^(2)+c_(3)^(2)+..........+c_(n)^(2)`
जहाँ `barc` अणुओं का वर्ग-माध्य-मूल वेग है।
सभी (1) में मान रखने पर,
`P=(mNbarc^(2))/(3V)`
यही अभीष्ट व्यंजक है।
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