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Class 12
PHYSICS
गॉस के नियम की सहायता से एकसमान आवेशित ग...

गॉस के नियम की सहायता से एकसमान आवेशित गोलीय कवच के कारण विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता निम्न स्थितियों में ज्ञात कीजिए जबकि बिन्दु-
(i) कवच के बाहर हो, (ii) कवच के पृष्ठ पर हो, (iii) कवच के अन्दर हो।
गोलीय कवच के केन्द्र से दूरी के साथ विद्युत् क्षेत्र में परिवर्तन को प्रदर्शित करने के लिए ग्राफ खींचिये।

लिखित उत्तर

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गॉस का नियम-इस नियम के अनुसार किसी बंद पृष्ठ में गुजरने वाला संपूर्ण वैद्युत् फ्लिक्स उस बंद पृष्ठ के अंदर उपस्थित कुल आवेश का `1/epsilon_0` गुना होता है।
एकसमान आवेशित गोलीय कवच के कारण विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता-मानलो R त्रिज्या का एक गोलीय कवच +q आवेश से समान रूप से आवेशित है। इसके कारण किसी बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता गोले के सापेक्ष उस बिन्दु की स्थिति पर निर्भर करती है।
(i) जब बिन्दु गोलीय कवच के बाहर है-मानलो गोलीय कवच के केन्द्र O से r दूरी पर बाहर एक बिन्दु P है जिस पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता ज्ञात करनी है।
O केन्द्र तथा r त्रिज्या का एक दूसरा गोला खींचो जो बिन्दु P से होकर जाता है। इस गोले का बन्द पृष्ठ गासीय पृष्ठ की तरह कार्य करता है। प्रत्येक विन्दु आवेशित गोले पर आवेश समान रूप से वितरित है। अत: बाह्य गोले के पृष्ठ के प्रत्येक बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता एक समान तथा पृष्ठ पर खींचे गये बाह्य अभिलम्ब के अनुदिश होगी।
अत: बाह्य गोले के बन्द पृष्ठ से गुजरने वाला सम्पूर्ण विद्युत् फ्लक्स `phi_E=E.s cos 0^@`
`phi_E=E.s`
`phi_E=E.4pir^2, " " (s=4pir^2)`
`phi_E=4pir^2E` ....(1)
परन्तु गॉस के प्रमेय से ,
`phi_E=q/epsilon_0` ...(2)
समीकरण (1 ) और (2 ) से ,
`4pir^2E=q/epsilon_0` या `E=q/(epsilon_0 4pir^2)`
या `E=1/(4piepsilon_0). q/r^2` ...(3)
समीकरण (3) से स्पष्ट है कि समान रूप से आवेशित किसी गोलीय कवच के बाहर स्थित किसी बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता उतनी ही होती है जितनी कि सम्पूर्ण आवेश को गोलीय कवच के केन्द्र पर केन्द्रित मान लेने पर होती है।
(ii) जब बिन्दु गोलीय कवच के पृष्ठ पर है-इस स्थिति में r= R अत: समीकरण (3) से,
`E=1/(4piepsilon_0).q/R^2`
(iii) जब बिन्दु गोलीय कवच के अन्दर है-
चूँकि गोलीय कवच को दिया गया सम्पूर्ण आवेश उसके पृष्ठ पर समान रूप से वितरित होता है, उसके अन्दर कोई आवेश नहीं होता अर्थात् r lt R के लिए
q=0
समीकरण (3) में मान रखने पर,
E=0
अत: गोलीय कवच के अन्दर प्रत्येक बिन्दु पर विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता शून्य होती है। चित्र में गोलीय कवच के केन्द्र से दूरी के साथ विद्युत् क्षेत्र की तीव्रता में परिवर्तन प्रदर्शित किया गया हैं
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