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Class 12
PHYSICS
परमाणु के प्रारम्भिक प्रतिरूपों में य...

परमाणु के प्रारम्भिक प्रतिरूपों में यह माना गया था कि आवेश Ze का बिन्दु आमाप का धनात्मक नाभिक होता है। तो त्रिज्या R तक एक समान घनत्क के ऋणात्मक से घिरा हुआ है। परमाणु पूर्णरूप में विघुत उदासीन है। इस प्रतिरूप के लिए नाभिक से r दूरी पर विघुत क्षेत्र कितना है।

लिखित उत्तर

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परमाणु विघुत उदासीन होता है। अत: यदि नाभिक में घनात्मक आवेशZe विघमानों है तो नाभिक के चारों ओर सममित रूप से वितरित ऋणात्मक आवेश का परिणाम भी Ze होगा।
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