एक समान्तर प्लेट संधारित्र की प्रत्येक प्लेट का क्षेत्रफल 100 वर्ग सेंटीमीटर व् प्लेटों के मध्य की दुरी 1 मिलीमीटर है | प्लेटों के मध्य भरे गए परावैधुत पदार्थ का आपेक्षिक परावैधुतांक 5 परावैधुतांक सांध्य `1.9xx10^(7)` वाल्ट/मीटर है | आवेश की उस अधिकतम मात्र का मान ज्ञात कीजिए जो बिना परावैधुत भंजन हुए संधारित्र में संचित्र हो सकता है |
लिखित उत्तर
Verified by Experts
दिया है --- क्षेत्रफल `A = 100 xx10^(-4) m^2 = 10^(-2) m^2` दुरी ` d = 1 mm = 1 xx10^(-3) m` तथा सपेक्षिक प्रावधूतांक `in_r = 5` समान्तर प्लेटों के मध्य उत्पन्न विधुत क्षेत्र `E = Q/(in_0 in_r A)` अधिकतम संचित्र आवेश की मात्रा के लिए विधुत क्षेत्र का यह मन प्रावधूत सामर्थय के तुल्य होना चाहिए | अतः `Q/(in_rin_0A) = 1.9 xx10^7` या `Q = (in_r in_0 A)xx1.9xx10^7` `=5.0xx8.85xx10^(-12)xx1.9 xx10^7` `5xx8.85xx1.9xx10^(17)~~84 xx10^(7)C` `= 8.4 xx10^(-6)C = 8.4 muC`