एक गोलीय संधारित्र के भीतरी गोले की त्रिज्या 12 cm. तथा बाहरी गोले की त्रिज्या 13 cm. है | बाहरी गोला भू-सम्पर्कित है तथा भीतरी गोले पर `2.5 mu C` का आवेश दिया है सेंकेडरी गोले के बिच के स्थान में 32 प्रावधूतांक का द्रव भरा है | संधारित्र की धारिता ज्ञात कीजिए |
लिखित उत्तर
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दिया गया है --- गोले की आंतरिक त्रिज्या ` r_2 = 12 cm`. `r_2 = 12 xx10^(-2) m`. बाहरी गोले की त्रिज्या `r_1 = 13 cm`. `r_2 = 12 xx10^(-2) m` आंतरिक गोले पर आवेश `(Q) = 2.5 mu c` `Q = 2.5 xx10^(-6) C` दो गोलों के बिच भरे द्रव का प्रावधूतांक ` = in_r = 32` माना धरित्र की धारिता = C = ? गोलीय धरित्र की धारिता के समबड़नः का प्रयोग करने पर ` C = 4 pi in_0 in_r = (r_1 r_2)/((r_1 - r_2))` मान रखने पर `= 1/(9 xx10^(9))xx(32xx12 xx10^(-2))/((13xx10^(-2)-12xx10^(-2))` `= (32xx13xx12xx10^(-2))/(9xx10^(9))` `554.67xx10^(-11) = 5.5467 xx10^(-9)F` `5.55 xx10^(-9) F = 5.55 nF`