किसी संधारित्र की प्लेटों के मध्य की दुरी को दुगुना कर देने से इसकी ऊर्जा में कितना परिवर्तन होगा?
लिखित उत्तर
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हम जानते है धारिता `C =(epsi_0 A)/(d)` जब सधारित्र की प्लेटों के मध्य की दुरी d है। जब दुरी `d = 2d` के बराबर हो तब धारिता `C' = (epsi_0 A)/(2d)` `C' = 1/2 ((epsi_0 A)/(d)) = 1/2 C" (1)` इस प्रकार दुरी को दुगुना करने से धारिता का मान आधा हो जाता है। विलगित संधारित्र की प्लेटों पर दोनों स्थितियों में आवेश समान रहेगा। माना की आवेश Q है। प्रथम स्थिति में ऊर्जा `U_1 = 1/2 Q^2/C` दूसरी स्थिति में `U_2 = 1/2 Q^2/C` समीकरण (1) से C का मान रखने पर `U_2 = 1/2 Q^2/(1/2C) = 2 xx1/2Q^2/C` ` U_2 = 2U_1` अतः संधारित्र की स्थितिज ऊर्जा का मान दुगुना हो जाता है।