`20 mu F` धारिता का एक संधारित्र 30 वोल्ट की बैटरी द्वारा आवेशित किया गया है तथा इसके पश्चात इसको `50 mu F` के दूसरे अनावेशित संधारित्र के आर-पार ( अर्थात समांतर क्रम में ) जोड़ दिया जाता है ज्ञात कीजिए--- संयोजन के सिरों के बिच अंतिम विभवान्तर
लिखित उत्तर
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दिया है --- `C_1 = 20 mu F = 20 xx10^(-6) F`, `V_1 = 30` वोल्ट `C_2 = 50 mu F = 50 xx10^(-6) F, V_2 = 0` अतः संयोजन के सिरों के बिच विभवान्तर ( अर्थ उभयनिष्ठ विभवांतर ) `V=(C_1 + V_1 + C_2 V_2)/(C_1 + C_2)` `V=((20xx10^(-6))xx30+ ( 50 xx10^(-6))xx0)/(20 xx10^(-6t)+50 xx10^(-6))` `= (600 xx10^(-6)+0)/(10^(-6)(20+50 ))=(600xx10^-6)/(70xx10^(-6))` `V = 60 /7` वोल्ट = 8.57 वोल्ट