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Class 12
PHYSICS
10V तथा नगण्य आंतरिक प्रतिरोध की बैटरी ए...

10V तथा नगण्य आंतरिक प्रतिरोध की बैटरी एक घनीय जाल ( नेटवर्क ) के विकर्णत सम्मुख दोनों से जुडी है। परिपथ जाल में `1Omega` प्रतिरोध के 12 प्रतिरोधक हैं। परिपथ जाल का समतुल्य प्रतिरोध तथा घन के प्रत्येक किनारे के अनुदिश विद्युत धारा ज्ञात कीजिए।

लिखित उत्तर

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चित्र में AE, AB तथा AD पथ परिपथ जाल में सम्मित है। इसलिए प्रत्येक भाग में समान धारा माना I प्रवाहित होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त सिरों E ,D तथा B पर आगत धारा I दो समान भागों में बँट जाती है। इस प्रकार, घन के सभी 12 किनारों में विद्युत धारा को सरलतापूर्वक I के पद में लिख सकते हैं।
चित्र में एक बंद पाश ABCHA लेते हुए ओर उस पर किरखॉफ़ का द्वितीय नियम लागू करने पर
`IR + ( 1)/( 2) IR + IR = epsilon`
या `epsilon=( 5)/( 2) IR` .....(1)
यहाँ `epsilon = ` सेल का वि. वा. बल है एवं R घन की प्रत्येक भुजा का प्रतिरोध है।
बैटरी से प्राप्त कुल विद्युत धारा I है, अतः परिपथ जाल का तुल्य प्रतिरोध होगा।
`R_(eq)=( epsilon)/(3I)` ....(2)
समीकरण (1) व (2) से
`R_(eq) = ( 5)/( 6) R `
`R = 1 Omega ` रखने पर `R_(eq) = ( 5)/( 6)` एवं `E= 10V ` के लिए परिपथ जाल में कुल धारा
कुल धारा `3I =( epsilon)/( R_(eq)) =(10)( 5//6) = 12A`
अतः `I =( 12)/( 3) = 4A` प्रत्येक किनारे में प्रवाहित धारको अब चित्र से ज्ञात कर सकते हैं।
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