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Class 12
BIOLOGY
बाहा निषेचन की व्याख्या कीजिए इसके नुकसा...

बाहा निषेचन की व्याख्या कीजिए इसके नुकसान (हानियाँ) बताइए।

लिखित उत्तर

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नर व मादा युग्मकों का संलयन ही निषेचन कहलाता है। अगर निषेचन की प्रक्रिया जीव के शरीर के वाहर होती है तौ बाहाय निषेचन (external fertilization) कहलाती है इसका अर्थ हुआ कि नर व मादा युग्मक जीव के बाह्य माध्यम (जल) में संलवित होटे हैं। जलीय शैवालों में बाह्या निषेचन पाया जाता है। कुछ कशेरुकी जन्तु वर्ग जैसे मत्स्य वर्ग व उभयचर वर्ग के जनअपने अण्डे मुक्त करते हैं ठीक उसी समय नर जन्तु इन अण्डो पर शुक्राणु मुक्त कर देता है।
अण्डोत्सर्ग व में युग्मक संलयन के अवसर बढ़ाने के लिए बहुत बड़ी संख्या में युग्मक निर्मुक्त करते हैं।
बाह्य निषेचन की कमियाँ (Demerits of External Fertilization)-
(i) चूँकि निषेचन सांयोगिक होता है अत: नर व मादा जन्तु दोनों को ही बहुत बड़ी मात्रा में युग्मकों का ठत्पादन करना पड़ता है ताकि कम-से-कम कुछ युग्मकों का संलयन सुनिश्चित हो जाए।
(iii) युग्मकों का संलयन (निषेचन) संयोग से होता है।
(iv) अनेक अण्डे निषेचन से पहले या निषेचन के बाद परभक्षियों द्वारा खा लिए जाते है |
(v) भ्रूण की सुरक्षा का भी कोई प्रबन्ध नहीं होता |
अतः बाह्य निषेचन प्रदर्शित करत हैं। इन प्राणियों में मादा जन्तु जल में जब शुक्राणु मुक्ति दोनों में सटीक समकालिता पायी जाती है। यह जीव जल
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