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BIOLOGY
लैमार्कवाद का संक्षिप्त परिचय दीजिए...

लैमार्कवाद का संक्षिप्त परिचय दीजिए

लिखित उत्तर

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जैव विकास की वैज्ञानिक व्याख्या का प्रथम प्रयास फ्रांसीसी वैज्ञानिक नाम टट डि लैमाक (Jean Baptiste de Lamarck) ने किया। लैमार्क का मानना था कि जीवों में सम्पूर्णता प्राप्त करने की अन्तर्निहित इच्छा होती है तथा जीवों की विविधता उनमे पर्यावरण के प्रति उत्पन्न अनुकूलनों के कारण होती है।
लैमार्कवाद को अर्जित लक्षणों की वंशागति (Inhieritance of अद्गिटेड characters) के नाम से जाना जाता है। लैमार्क ने जिराफ के उदाहरण से इसै खिद्ध कते का प्रयास किया। उनके अनुसार जिराफ के पूर्वजों की गर्दन छोटी थी। आज के जिराफी की गर्दन, उनके पूर्वजों द्वारा ऊँचे पेड़ों पर लगी-पत्तियों को खाने के लिए किए सतत प्रयासों के कारण विकसित हुई है। अर्थात् लगातार खींचने के कारण ही जिराफ की गर्दन लम्बी ही सकी इसे उपयोग या उपयोग का त्याग (Use and Disuse) मत भी कहा गया। बीजमान टर चूहों की पूँछ लगातार कई पीढ़ियों तक काटने के बाद भी पूँछ बाले चूहे पैदा होने के प्रायोगिक प्रमाण से लैमार्कवाद का खण्डन हुआ। आनुवंशिकी का ज्ञान आज सिद्ध कर चुका है कि जीवन अवधि में अर्जित किए कायिक लक्षण बंशागत नहीं होते।
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