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Class 12
BIOLOGY
प्रजातीय-क्षेत्र सम्बन्ध में समाश्रयण (र...

प्रजातीय-क्षेत्र सम्बन्ध में समाश्रयण (रिग्रेशन) की ढलान का क्या महत्व है?

लिखित उत्तर

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जर्मन वैज्ञानिक अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट ने प्रदर्शित किया कि किसी क्षेत्र में प्रजातीय समृद्धता अन्वेषण क्षेत्र में वृद्धि के साथ एक सीमा तक ही बढ़ती है।
पारिस्थितिकविदों ने पाया कि छोटे अध्ययन क्षेत्रों में किसी भी वर्गिकी समूह के प्रजाति समृद्धता क्षेत्र सम्बन्ध आयताकार अतिपरिवलय (rectangular hyperbola) के रूप में परिलक्षित होते हैं। इनमें समाश्रयण (regression) ढलान का मान `0*1` से `0*2` होता है।
इसका अर्थ है कि समायण ढलान पर न तो किसी क्षेत्र विशेष का असर होता है न किसी विशिष्ट जीव समूह का। बहुत बड़े क्षेत्रों (जैसे पूरे उपमहाद्वीप) में प्रजाति क्षेत्र सम्बन्ध के अध्ययन में समाश्रयण ढलान लगभग खड़ी रेखा की तरह (Steep line) हो जाता है। इस स्थिति में Z का मान `0*6` से `1*2` हो जाता है। इन निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि समाश्रयण ढलान प्रजाति-क्षेत्र सम्बन्धों की व्याख्या करता है। यह स्पष्ट करता है कि अध्ययन क्षेत्र बड़ा है या छोटा।
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