Home
Class 12
BIOLOGY
पादपों की प्रजाति विविधता (22 प्रतिशत) ज...

पादपों की प्रजाति विविधता (22 प्रतिशत) जंतओं (72 प्रतिशत) की अपेक्षा बहुत कम है। क्या कारण है कि जन्तुओं में अधिक विविधता मिलती है ?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

जन्तुओं की अधिक विविधता के निम्न कारण हैं
(1) पादप अचलायमान (non-matile) होते हैं। वह जड़ों द्वारा स्थान विशेष पर स्थित हात है। जन्तुओ की गतिशीलता ने इनको अलग-अलग प्रकार के पर्यावासों हेत अनकलन के अवसर दिए होंगे। विभिन्न स्थलीय पर्यावासों वन, पहाड़, मैदान, रेगिस्तान वृक्ष के ऊपर, वायु आदि में गति करने हेतु जन्तु विविध प्रकार से अनुकूलित हो गये।
(ii) पादप स्वपोषी होते हैं। सभी हरे पादप प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया में समान कच्चे माल (`CO_(2)` व `H_(2)O`) का प्रयोग कर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बनिक भोज्य पदार्थ बनाते हैं। चूँकि प्रकाश-संश्लेषण सब में समान है अतः पादपों में पोषण को लेकर अधिक विविधता नहीं है। जन्तुओं में विषमपोषी प्राणिसम पोषण पाया जाता है। स्पर्धा कम करने व निकेत विशिष्टकरण हेतु पौधों के अलग-अलग भागों को प्राप्त करने के लिए जन्तुओं में विभिन्न प्रकार के अनुकूलन हुए। उदाहरण के लिए, कीटों में अलग-अलग प्रकार के मुखांग, पक्षियों में विविध प्रकार की चोंच आदि बनी। पोषण की विविधता ही जन्तुओं की अधिक विविधता का प्रमुख कारण है।
(iii) जन्तु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती अतः इनका आनुवशिक पदार्थ परिवतनों हेतु अपेक्षाकृत सुभेद्य होता है।
(iv) जन्तुओं का तंत्रिका तंत्र व संवेदी अंग इन्हें पर्यावरण के प्रति तीव्र अनुक्रिया प्रदर्शित करने में समक्ष बनाते हैं। अत: अनुकूलनों के विकसित होने की संभावना भी अधिक होती है।
Promotional Banner