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Class 11
BIOLOGY
इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र पर टिप्पणी लिखिए...

इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र पर टिप्पणी लिखिए |

लिखित उत्तर

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इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र -- ऑक्सीकरण की प्रक्रिया में आधारी पदार्थ मुक्त हुए `H^(+)` आयन तथा इलेक्ट्रॉन ऑक्सीजन से सीधे ही अभिक्रिया नहीं करते | यह `H^(+)` तथा इलेक्ट्रॉन `NAD^(+)` तथा FAD अणुओं को अपचयित कर NADH तथा `FADH_(2)` का निर्माण करते है | यह अपचयित सहकारक फिर अपने इलेक्ट्रॉन को एक इलेक्ट्रॉन ग्राही तंत्र व स्थानांतरण अणुओं को स्थानांतरित कर देते है | यह इलेक्ट्रॉन अभिग्राही व स्थानांतरण अणु एक विशिष्ट क्रम में माइकोकांड्रिया की भीतरी झिल्ली पर व्यवस्थित होते है | इन पदार्थो का माइटोकांड्रिया झिल्ली पर विशिष्ट क्रम में इलेक्ट्रॉन ट्रांसपोर्ट चेन (इलेक्ट्रॉन अभिगमन तंत्र ) कहलाता है | यह क्रम है -
`FMN to CoQ to CytbtoFestoCoQ(?)toCytC_(1)toCytCtoCyt_(a-a_(3))to0`
यह तंत्र के विशिष्ट एंजाइम, NADH व `FADH_(2)` से इलेक्ट्रॉन व कुछ मामलों में प्रोटॉन्स भी प्राप्त करती है | यह इलेक्ट्रॉन अब एक एंजाइम से क्रमबद्ध रूप से अगले एंजाइम को स्थानांतरित किये जाते है | इस शृंखला के अंत में इलेक्ट्रॉन/प्रोटोन ऑक्सीजन द्वारा ग्रहण कर लिए जाते है जिसके फलस्व्रूप जल के अणु का निर्माण होता है | स्थानांतरण के प्रत्येक पद पर इलेक्ट्रॉन ग्राही की इलेक्ट्रॉन बंधुता, इलेक्ट्रॉन दाता से अधिक होती है | इलेक्ट्रॉन की इस अधोगामी गति में कुछ उत्पन्न होती है जिसका प्रयोग मेट्रिक्स के `H^(+)` आयन का स्थानांतरण माइटोकांड्रिया के बाह्य कोष्ठ में करने में होता है | इससे बाह्य कोष्ठ में प्रोटोन का सांद्रण बढ़ जाता है | यह प्रोटोन, अब प्रोटोन सांद्रण प्रवणता के आधार पर बाह्य कोष्ठ से मेट्रिक्स की ओर गति करते है | प्रोटॉन के इस स्थानांतरण में मुक्त हुई ऊर्जा `F_(0)-F_(1)` कणों पर ATP सिन्थेटेज एंजाइम की मदद से ATP निर्माण में प्रयुक्त होती है |
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