रेडॉक्स अभिक्रियाओं के महत्वपूर्ण अनुप्रयोग निम्नलिखित हैं :
धातु निष्कर्षण में-अपचायकों की सहायता से धातु ऑक्साइड का अपचयन धातु में किया जा सकता है। जैसे
`underset("(अपचायक)")(Cr_(2)O_(3)+)2Al rarr Al_(2)O_(3)+2Cr`
`underset("(अपचायक)")(ZnO)+C rarr Zn +O`
(2) ऊर्जा प्राप्त करने में-घरेलू तथा औद्योगिक ईंधन ऑक्सीकरण पर ऊर्जा की बड़ी मात्रा उत्सर्जित करते हैं, जो हमारे दैनिक जीवन तथा उद्योगों में उपयोगी है। ईंधन (लकड़ी, पेट्रोल आदि) `+O_(2) rarr CO_(2) + H_(2) O + ` अन्य उत्पाद + ऊर्जा
प्रकाश संश्लेषण-हरे पौधों द्वारा भोजन का निर्माण भी एक रेडॉक्स अभिक्रिया है। इस अभिक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड का कार्बोहाइड्रेट में अपचयन तथा जल का ऑक्सीजन में ऑक्सीकरण होता है। `6 CO_(2)(g)+6H_(2)O_(l) ("सूर्य का प्रकाश")/("क्लोरोफिल ") C_(6)H_(12)O_(6(aq))+6O_(2(g))`
(4) वैद्युत रासायनिक सेल में-वैद्युत रासायनिक सेल एक ऐसी युक्ति है जिसमें अप्रत्यक्ष रेडॉक्स अभिक्रिया से उत्पन्न रासायनिक ऊर्जा को विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
(5) अन्तरिक्ष यांनों में-अन्तरिक्ष यानों के लिये आवश्यक विद्युत् ऊर्जा, ईंधन सेलों में हाइडोजन व ऑक्सीजन की परस्पर क्रिया से प्राप्त होती है। ईंधन सेल विद्युत रासायनिक सेल होते हैं, जिनमें ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड प्रयुक्त होते हैं।