त्रिज्या अनुपात नियम से क्या समझते हो ? इसका महत्व लिखिए।
लिखित उत्तर
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त्रिज्या अनुपात नियम-क्रिस्टल में धनायन की त्रिज्या तथा ऋणायन की त्रिज्या के अनुपात को त्रिज्या अनुपात कहते हैं। यह त्रिज्या अनुपात नियम कहलाता है। किसी क्रिस्टल के लिए इसका मान स्थिर रहता है। त्रिज्या अनुपात =`"धनायन की त्रिज्या"/"ऋणायन की त्रिज्या"` त्रिज्या अनुपात का महत्व- (1)क्रिस्टल में उपस्थित आयनों की समन्वय संख्या ज्ञात की जा सकती है। (2) धनायन अथवा ऋणायन की त्रिज्या की गणना की जा सकती है। (3) क्रिस्टल की ज्यामिति ज्ञात की जा सकती है। (4) क्रिस्टल किस प्रकार का होगा, ज्ञात किया जा सकता है।