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CHEMISTRY
उत्प्रेरण का आधुनिक अधिशोषण सिद्धांत लिख...

उत्प्रेरण का आधुनिक अधिशोषण सिद्धांत लिखिए |

लिखित उत्तर

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सिद्धांत -आधुनिक अधिशोषण सिद्धांत के अनुसार, उत्प्रेरक की सतह पर सक्रिय केंद्र एवं स्वतंत्र संयोजकताएँ होती है | सबसे पहले उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारी अणुओं, माना कि A और B का भौतिक अधिशोषण होता है, जिससे उनक सतह पर स्थानीय सांद्रण बढ़ जाता है | फिर ये अभिकारी अणु उत्प्रेरक की सतह पर उपस्थित परमाणुओं, की मुक्त संयोजकताओं के साथ अस्थायी रासायनिक संयोग करते है जिसके फलस्वरूप एक अधिशोषित सक्रियित संकर A ..... B.....S बन जाता है|
`undersetunderset("अणु")("अभिकारक")A+B+undersetunderset("की सतह")("उत्प्रेरक")(S)to underset("अधिशोषित सक्रियित संकर")(A......B....S)`
अधिशोषित सक्रियित संकर में ऊर्जा अधिक होने के कारण यह शीघ्र अपघटित होकर, उत्पाद (AB) अणु बनाता है जो उत्प्रेरक की सतह से शीघ्र अलग हो जाती है |
`underset(("संक्रियित संकर"))(A.......B.......S)tounderset(("उत्पाद अणु"))(AB)+underset(("उत्प्रेरक की सतह"))(S)`
मुक्त हुई उत्प्रेरक की सतह पर अभिकारी अणु अधिशोषित होकर यही क्रम दोहराते है और उत्प्रेरण क्रिया चलती रहती है |
उदारहण- निकिल उत्प्रेरक की उपस्थिति में एथिलीन तथा हाइड्रोजन के संयोग से एथेन अणु का बनना |
`underset(("एथिलीन"))(C_(2)H_(4))+H_(2) overset(Ni ("उत्प्रेरक"))tounderset(("एथेन"))(C_(2)H_(6))`
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