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CHEMISTRY
ऐल्किल हैलाइड में नाभिकस्नेही प्रतिस्थाप...

ऐल्किल हैलाइड में नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया कैसे होती है ? इसकी क्रियाविधि दीजिए।

लिखित उत्तर

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ऐल्किल हैलाइड के हैलोजेन परमाणू का अन्य नाभिकस्नेही से प्रतिस्थापन नाभिकस्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाता है।
`R-X+OH^(-) ("जलीय KOH") to R-OH + X^(-)`
यहाँ X (हैलोजेन), नाभिकस्नेही `OH^-` द्वारा प्रतिस्थापित हो रहा है।
यह अभिक्रिया दो क्रिया विधियों द्वारा सम्पन्न होती है -
(i) एक अणुक (`S_N^2`) क्रियाविधि-इसमें अभिक्रिया दो पदों में होती है प्रथम चरण में विषमांगी विदलन मंद पद द्वारा कार्बोकैटायन देता है। दूसरे चरण में नाभिक स्नेही `OH^-` आयन तीव्र पद द्वारा कार्बोकैटायन से संयोग करता है।
`(CH_3)_3C Cl to (CH_3)_3C^(+) + Cl^(-) ` (मंद पद )
`(CH_3)_3C^(+) + OH^(-) to (CH_3)_3C(OH)` (तीव्र पद)
(ii)द्विअणुक (`S_N^2`) क्रियाविधि-इसमें अभिक्रिया एक पद में होती है। नाभिक स्नेही हैलाइड के विपरीत दिशा से आक्रमण कर अस्थायी संकुल बना देता है जिससे हैलाइड पृथक् हो जाता है।
`HO^(ѳ)+CH_3 -CH_2-Cl to overset(delta-)(HO)-underset"संक्रमण अवस्था"(CH_3CH_2-Cl^(-delta)) to C_2H_5OH + Cl^(ѳ)`
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