शृंखला संरचना के आधार पर बहुलक तीन प्रकार के होते हैं -
(1) रेखीय बहुलक - इस प्रकार के बहुलकों में एकलक इकाइयाँ परस्पर मिलकर लम्बी सीधी शृंखला बनती हैं। इनकी तन्यता एवं गलनांक उच्च होते हैं।
उदाहरण - पॉलीथिन नाइलॉन ।
(2) शाखित शृंखला बहुलक - इस प्रकार के बहुलकों इकाइयाँ आपस में जुड़कर मुख्य शृंखला बनाती हैं और फिर इससे अनेक पार्श्व शाखाएँ निकलती हैं । इनके गलनांक तथा तन्यता निम्न होती हैं।
उदाहरण - ग्लाइकोजन , ऐमीनो पेक्टिन
(3) तिर्यकबद्ध बहुलक - इस प्रकार के बहुलकों में एकलक इकाइयाँ आपस में जुड़कर त्रिविम दृढ़ जालक संरचना का निर्माण करती हैं। इनमें Cross link पाए जाते हैं। ये अति कठोर एवं भंगुर होते हैं। उदाहरण - बैकेलाइट, मेलामिन फॉर्मेल्डिहाइड आदि ।
