Home
Class 11
PHYSICS
धारिता C की एक संधारित्र को प्रेरकत्व L ...

धारिता C की एक संधारित्र को प्रेरकत्व L के साथ निरावेशित किया जाता है | वैद्युत दोलनों की आवृत्ति ज्ञात कीजिए |

लिखित उत्तर

Verified by Experts

चित्र 15.36 में धारिता C के संधारित्र को प्रेरकत्व L की कुण्डली के साथ जोड़ा गया है प्रारम्भ में `t=0` पर संधारित्र पर आवेश `Q_(0)` है तथा परिपथ में धारा शून्य है संधारित्र के निरावेशित होने पर माना किसी क्षण t पर संधारित्र की प्लेटों पर आवेश Q है तो परिपथ में धारा `I=(dQ)/(dt)` होगी अब प्रेरकत्व कुण्डली पर प्रेरित वि. वा. ब. `L(dI)/(dt)` होगा |
तथा संधारित्र की प्लेटों के बीच वि. वा. ब. `Q/C` होगा।
किरचॉफ के नियम से, `L(dI)/(dt)+Q/C=0` या `L(d)/(dt)((dQ)/(dt))+Q/C=0`
या `L(d^(2)Q)/(dt^(2))+Q/C=0` या `(d^(2)Q)/(dt^(2))+1/(LC)Q=0`
यह आवेश के दोलनों की सरल आवर्त गति का अवकलन समीकरण है जिसकी कोणीय
`omega=(1)/(sqrt(LC))`
`:.` आवृत्ति वैधुत दोलनों की आवृत्ति `n=(omega)/(2pi)=(1)/(2pi)=sqrt((1)/(LC))`
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • दोलन

    SHIVLAAL PUBLICATION|Exercise प्रश्न (वस्तुनिष्ठ प्रश्न )|10 Videos
  • दोलन

    SHIVLAAL PUBLICATION|Exercise प्रश्न (सही जोड़ियाँ बनाइए - )|2 Videos
  • दोलन

    SHIVLAAL PUBLICATION|Exercise वस्तुनिष्ठ प्रश्न|79 Videos
  • तरल के यान्त्रिक गुण

    SHIVLAAL PUBLICATION|Exercise वस्तुनिष्ठ प्रश्न|70 Videos
  • द्रव्य के तापीय गुण

    SHIVLAAL PUBLICATION|Exercise वस्तुनिष्ठ प्रश्न|180 Videos
SHIVLAAL PUBLICATION-दोलन -तथ्यात्मक प्रश्न
  1. दोलन करते हुए सरल लोलक का आयाम दो गुना करने पर उसके ( ii ) अधिकतम वेग ...

    Text Solution

    |

  2. दोलन करते हुए सरल लोलक का आयाम दो गुना करने पर उसके ( iii ) अधिकतम त्व...

    Text Solution

    |

  3. दोलन करते हुए सरल लोलक का आयाम दो गुना करने पर उसके ( iv ) सम्पूर्ण ऊर...

    Text Solution

    |

  4. एक सरल लोलक के आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा यदि ( i ) इसे पहाड़ पर ले ...

    Text Solution

    |

  5. एक सरल लोलक के आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा यदि इसे पृथ्वी के केंद्र...

    Text Solution

    |

  6. एक सरल लोलक के आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा यदि ( iii ) इसे किसी कृत्...

    Text Solution

    |

  7. एक सरल लोलक के आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा यदि ( iv ) इसे खान में ले...

    Text Solution

    |

  8. एक सरल लोलक के आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा यदि ( v ) इसका दृढ़ आधार स...

    Text Solution

    |

  9. जब सरल लोलक के गोलक को अपनी माध्य स्थिति से थोड़ा विस्थापित करके छोड़ा ज...

    Text Solution

    |

  10. एक दोलन करते सरल लोलक की किस स्थिति में इसके धागे में तनाव अधिकतम होत...

    Text Solution

    |

  11. एक कण की सरल आवर्त गति का आवर्तकाल 4 सेकण्ड तथा आयाम 10 सेमी है | कण क...

    Text Solution

    |

  12. एक कण की सरल आवर्त गति का आवर्तकाल 4 सेकण्ड तथा आयाम 10 सेमी है | कण क...

    Text Solution

    |

  13. सरल आवर्त गति कर रहे किसी कण का आयाम 25 सेमी तथा आवर्तकाल 3 सेकण्ड है ...

    Text Solution

    |

  14. सरल आवर्त गति कर रहे 0.1 किग्रा द्रव्यमान के एक कण का आयाम 0.1 मीटर है...

    Text Solution

    |

  15. एक स्प्रिंग से बँधा द्रव्यमान m का एक पिण्ड क्षैतिज तल में सरल आवर्ती...

    Text Solution

    |

  16. चित्र 15.33 में द्रव्यमान m की एक ठोस गेंद एक नत समतल पर बिना फिसले लु...

    Text Solution

    |

  17. द्रव्यमान m का एक पिण्ड, एकसमान द्रव्यमान M तथा बल नियतांक K की एक स्प...

    Text Solution

    |

  18. चित्र 15.35 में एकसमान अनुप्रस्थ परिच्छेद की एक ऊर्ध्वाधर नली U में को...

    Text Solution

    |

  19. एक मशीन में लगे पिस्टन की ऊर्ध्वाधर गति लगभग सरल आवर्त गति है जिसकी आव...

    Text Solution

    |

  20. धारिता C की एक संधारित्र को प्रेरकत्व L के साथ निरावेशित किया जाता है ...

    Text Solution

    |