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PHYSICS
एक ऊष्मा इंजन अंततः कोयले से कार्य प्रा...

एक ऊष्मा इंजन अंततः कोयले से कार्य प्राप्त करता है जबकि कोयला वायुमंडल के ताप पर होता है | दर्शाइए की क्या यह उष्मागतिकी के द्वितीय नियम का उल्लंघन नहीं है जबकि हम निम्न ताप के कोयले से कार्य प्राप्त कर रहे है ? ( चक्र के अंत में कोयला अपनी प्रारंभिक स्थिति में वापस नहीं आता है | )

लिखित उत्तर

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प्रत्येक पदार्थ की अपनी आंतरिक ऊर्जा होती है | कोयले के दहकने पर उसकी आंतरिक ऊर्जा , ऊष्मा ऊर्जा में रूपांतरित होती है , जिससे हमे उच्च ताप का स्रोत्र प्राप्त होता है |अतः ऊष्मा इंजन ताप पर ही ऊष्मा का अवशोषण करके इसका कुछ भाग कार्य से परिवर्तित कर रहा है तथा शेष ऊष्मा को वायुमंडल में निष्कासित कर रहा है | इस प्रकार यह उष्मागतिकी के द्वितीय नियम का उल्लंघन नहीं है |
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